प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की त्रिनिदाद और टोबैगो की ऐतिहासिक यात्रा के दौरान इस कैरेबियाई देश ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की स्थायी सदस्यता का खुलकर समर्थन किया है। दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास, रणनीतिक साझेदारी और वैश्विक सुधारों की दिशा में मजबूत कदम बढ़े हैं। यह समर्थन न केवल भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव को दर्शाता है, बल्कि संयुक्त राष्ट्र पर भी सुधार के लिए दबाव को और बढ़ाता है।
संयुक्त राष्ट्र में भारत को स्थायी सीट का समर्थन
त्रिनिदाद और टोबैगो ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह भारत को सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्य बनते देखना चाहता है। भारत ने भी 2027-29 के लिए त्रिनिदाद की अस्थायी सदस्यता का समर्थन करने का भरोसा दिलाया है। दोनों देशों ने संयुक्त रूप से यह भी कहा कि यूएन जैसे वैश्विक संगठन को वर्तमान विश्व व्यवस्था और बदलते भू-राजनीतिक हालात को प्रतिबिंबित करना चाहिए।
गहरी हुई भारत-त्रिनिदाद दोस्ती
पीएम मोदी की इस यात्रा ने भारत और त्रिनिदाद के रिश्तों को एक नई ऊंचाई दी है। दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य, कृषि, दवाएं, डिजिटल पेमेंट सिस्टम, बुनियादी ढांचा और सांस्कृतिक संबंधों को लेकर छह बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। यह 25 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली त्रिनिदाद यात्रा थी।
आतंकवाद के खिलाफ साझा मोर्चा
भारत में हाल ही में हुए आतंकी हमलों के प्रति त्रिनिदाद और टोबैगो ने एकजुटता दिखाई। दोनों देशों ने वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की प्रतिबद्धता जताई। यह द्विपक्षीय रिश्तों में भरोसे और सुरक्षा साझेदारी को और मजबूत करता है।
संसद में पीएम मोदी का संबोधन
पीएम मोदी ने त्रिनिदाद की संसद को संबोधित करते हुए भारतीय मूल के लोगों की उपलब्धियों और संस्कृति के योगदान की सराहना की। उन्होंने क्रिकेट, कविता, वाणिज्य और संगीत जैसे क्षेत्रों में भारतीय मूल के लोगों की अहम भूमिका को रेखांकित किया और इसे त्रिनिदाद की विविधता की ताकत बताया।