JD Vance Statement on H-1B Visa: अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की H-1B वीजा पर काम करने वाले विदेशी कर्मचारियों को लेकर की गई टिप्पणी पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है। वेंस ने इन कर्मचारियों के लिए ‘Indentured Servants’ यानी अनुबंध के बंधन में बंधे मजदूर जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस भाषा को अनुचित और बेहद आपत्तिजनक बताते हुए कहा कि अमेरिका में काम करने वाले भारतीय पेशेवर वहां की अर्थव्यवस्था और तकनीकी विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
माइक्रोसॉफ्ट पर वेंस ने लगाए गंभीर आरोप
जेडी वेंस ने आरोप लगाया कि कुछ बड़ी तकनीकी कंपनियां अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी कर उनकी जगह कम वेतन पर विदेशी कर्मचारियों को रख रही हैं। उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट का उदाहरण देते हुए कहा कि कंपनी ने पिछले साल करीब 6,000 अमेरिकी कर्मचारियों को नौकरी से हटाया, जबकि उसे 6,300 H-1B वीजा और लगभग 3,000 ग्रीन कार्ड से जुड़े लाभ मिले। वेंस का कहना है कि वीजा व्यवस्था का इस्तेमाल अमेरिकी कर्मचारियों के वेतन और रोजगार पर असर डालने के लिए किया जा रहा है। ये आंकड़े और आरोप अमेरिकी प्रशासन की ओर से पेश किए गए हैं।
भारत ने कहा- भारतीय पेशेवर अर्थव्यवस्था में अहम योगदान देते हैं
विदेश मंत्रालय ने वेंस की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका में काम करने वाले भारतीय उच्च शिक्षित और कुशल पेशेवर हैं। वे तकनीक, शोध, नवाचार और रोजगार सृजन में योगदान देते हैं। मंत्रालय के मुताबिक, भारतीय प्रतिभाओं की आवाजाही से केवल भारत को ही नहीं, बल्कि अमेरिकी कंपनियों और अर्थव्यवस्था को भी फायदा होता है। भारत ने यह भी कहा कि औपनिवेशिक इतिहास की याद दिलाने वाली ऐसी शब्दावली का इस्तेमाल बेहद आपत्तिजनक है।
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आठ बड़ी कंपनियों पर PERM कार्यक्रम की कार्रवाई
यह विवाद अमेरिका की ओर से आठ बड़ी आईटी कंपनियों के लिए स्थायी श्रम प्रमाणन कार्यक्रम यानी PERM पर रोक लगाए जाने के बीच सामने आया है। प्रभावित कंपनियों में माइक्रोसॉफ्ट, एडोबी, कैपजेमिनी, इन्फोसिस, टीसीएस, विप्रो, एचसीएल और कॉग्निजेंट के नाम शामिल हैं। PERM प्रक्रिया के जरिए पात्र विदेशी कर्मचारियों के लिए ग्रीन कार्ड का रास्ता तैयार किया जाता है। अमेरिकी प्रशासन ने कंपनियों की भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, जबकि इस फैसले का असर विदेशी पेशेवरों के स्थायी निवास की प्रक्रिया पर पड़ सकता है।
मौजूदा H-1B वीजा पर क्या होगा असर?
भारत के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि PERM कार्यक्रम पर रोक और H-1B वीजा कार्यक्रम अलग-अलग हैं। इसलिए इस कार्रवाई से मौजूदा H-1B वीजा अपने आप अमान्य नहीं होते और न ही वीजा धारकों तथा उनके आश्रितों का दर्जा स्वतः बदलता है। हालांकि, प्रभावित कंपनियों में काम करने वाले पात्र कर्मचारियों की ग्रीन कार्ड प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है। भारत ने उम्मीद जताई है कि दोनों देशों के साझा आर्थिक हितों और कुशल प्रतिभाओं के योगदान को ध्यान में रखकर इस मुद्दे को देखा जाएगा।