भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही व्यापार वार्ताओं के बाद आखिरकार एक अहम समझौता अंतिम दौर में पहुंच गया है.. खबरों के मुताबिक इस मिनी ट्रेड डील के तहत अमेरिका भारत से आयातित उत्पादों पर टैरिफ को 20% से कम रखेगा। यह डील दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों को नई दिशा देगी और भारत के निर्यातकों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बढ़त दिलाएगी। खासकर, टेक्सटाइल, फार्मा और ज्वेलरी जैसे सेक्टरों को अमेरिकी बाजार में बड़ा फायदा मिलेगा। हालांकि अभी आधिकारिक रूप से इसकी घोषणा नहीं हुई है..
कम टैरिफ, बढ़ेगा निर्यात
इस समझौते के अनुसार अमेरिका भारत से आयातित उत्पादों पर 10% से 20% के बीच टैरिफ लगाएगा, जो पहले 26% तक पहुंच सकता था। इससे भारतीय वस्तुएं अमेरिकी बाजार में सस्ती और प्रतिस्पर्धी बनेंगी। टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, और ज्वेलरी जैसे क्षेत्रों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
चीन और बांग्लादेश पर बढ़त
भारत को यह फायदा भी होगा कि अमेरिका ने चीन (51%) और बांग्लादेश (35%) जैसे अन्य देशों पर ऊंचा टैरिफ लागू कर रखा है। ऐसे में भारत की स्थिति मजबूत होगी और वह अमेरिकी बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकेगा।
संवेदनशील क्षेत्रों की रक्षा
भारत ने डील के दौरान चावल और डेयरी जैसे संवेदनशील उत्पादों को इस समझौते से बाहर रखा है। यह कदम घरेलू किसानों और उत्पादकों के हितों की रक्षा के लिए लिया गया है। वहीं, अमेरिका को ब्लूबेरी और पेकन नट्स जैसे कृषि उत्पादों पर कम टैरिफ की पेशकश की गई है।
आगे की राह
यह मिनी ट्रेड डील भविष्य में व्यापक व्यापार समझौते की आधारशिला बन सकती है। भारत ने “फॉरवर्ड MFN” जैसी व्यापार शर्तें भी जोड़ी हैं, जिससे अमेरिका को भविष्य में बेहतर व्यापार लाभ मिल सकेंगे।
ट्रंप का बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत से डील लगभग तय है और उन्होंने भारत की ओर से शून्य टैरिफ की पेशकश की सराहना की। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत जैसे सहयोगी देशों के लिए टैरिफ 15-20% के दायरे में रहेगा।