भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील की खबर सामने आते ही बाजार और नीति जगत में हलचल मच गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के मुताबिक भारत को अमेरिका से 500 बिलियन डॉलर तक का सामान आयात करना होगा। यह आंकड़ा इसलिए चौंकाने वाला है क्योंकि अभी भारत अमेरिका से इससे काफी कम सामान खरीदता है। ऐसे में लोगों के मन में सवाल है कि फिलहाल भारत सबसे ज्यादा आयात कहां से करता है और अमेरिका से आखिर क्या-क्या मंगाता है।
भारत साल भर में कितना आयात करता है
केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले डीजीएफटी के आंकड़ों के अनुसार साल 2024–25 में भारत का कुल आयात करीब 721 बिलियन डॉलर रहा। यह पिछले साल के मुकाबले लगभग 6 प्रतिशत ज्यादा है। भारत इस समय दुनिया के 200 से ज्यादा देशों से सामान मंगाता है। इसमें कच्चा तेल, मशीनें, इलेक्ट्रॉनिक सामान और केमिकल्स जैसे उत्पाद शामिल हैं, जो देश की जरूरतों को पूरा करते हैं।
भारत सबसे ज्यादा आयात किस देश से करता है
अगर देशों की बात करें तो भारत का सबसे बड़ा आयात साझेदार चीन है। 2024–25 में भारत ने चीन से करीब 113 बिलियन डॉलर का सामान खरीदा। इसके बाद रूस, संयुक्त अरब अमीरात और फिर अमेरिका का नंबर आता है। अमेरिका से भारत ने पिछले साल लगभग 46 बिलियन डॉलर का आयात किया था। यानी 500 बिलियन डॉलर का नया लक्ष्य मौजूदा आयात से कई गुना ज्यादा है।
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भारत किन चीजों का सबसे ज्यादा आयात करता है
भारत की आयात सूची में सबसे ऊपर कच्चा तेल और उससे जुड़े उत्पाद हैं। पिछले साल करीब 218 बिलियन डॉलर का क्रूड ऑयल भारत लाया गया। इसके बाद इलेक्ट्रिकल मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, कीमती पत्थर, न्यूक्लियर रिएक्टर से जुड़े उपकरण और ऑर्गेनिक केमिकल्स शामिल हैं। इन चीजों के बिना देश की इंडस्ट्री और ऊर्जा जरूरतें पूरी करना मुश्किल है।
अमेरिका से भारत क्या-क्या खरीदता है
अभी भारत अमेरिका से मुख्य रूप से खाने-पीने से जुड़े उत्पाद आयात करता है। इनमें फल, मेवे, सब्जियां, मछली, जानवरों से जुड़े उत्पाद और कुछ कृषि सामान शामिल हैं। आने वाले समय में इस सूची में डेयरी प्रोडक्ट्स, एनर्जी सेक्टर से जुड़ी चीजें और हाईटेक मशीनरी भी शामिल हो सकती हैं। नई ट्रेड डील के बाद इन उत्पादों का दायरा और बढ़ने की उम्मीद है।
चीन के साथ बढ़ता व्यापार घाटा क्यों चिंता की बात
भारत और चीन के बीच व्यापार घाटा लगातार बढ़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह घाटा जल्द ही 100 बिलियन डॉलर के पार जा सकता है। वजह साफ है, भारत चीन से ज्यादा सामान मंगाता है लेकिन उतना निर्यात नहीं कर पाता। चीन से आने वाले ज्यादातर सामान इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी, केमिकल्स और प्लास्टिक से जुड़े होते हैं। यही कारण है कि भारत अब आयात के विकल्प तलाश रहा है और अमेरिका के साथ यह ट्रेड डील उसी दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।