India US Trade Deal Impact : भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी है, लेकिन इसे लेकर अभी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं हुई है। इसी बीच भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को बताया कि अगर दोनों देशों के बीच ट्रेड डील नहीं होती है तो भारतीय अर्थव्यवस्था पर कुछ नकारात्मक असर पड़ सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिका भारत पर कितना अतिरिक्त शुल्क लगाता है।
ट्रेड डील नहीं हुई तो कितना असर
संजय मल्होत्रा से जब पूछा गया कि अगर भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम रूप नहीं लेता है तो अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा, तो उन्होंने कहा कि अभी इस पर निश्चित अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी। उन्होंने साफ किया कि यदि अमेरिकी शुल्क बढ़ते हैं तो उसका कुछ नकारात्मक प्रभाव जरूर पड़ेगा। हालांकि, भारत के पास इस प्रभाव को सीमित करने के लिए कई दूसरे रास्ते भी हैं।
दूसरे देशों से हुए समझौते देंगे सहारा
आरबीआई गवर्नर ने बताया कि भारत ने हाल के वर्षों में कई देशों के साथ व्यापार समझौते किए हैं। इनमें कुछ लागू हो चुके हैं, जबकि कुछ समझौते अभी प्रक्रिया में हैं। उनके मुताबिक, ये समझौते अमेरिकी शुल्क के संभावित असर को कम करने में मदद कर सकते हैं। साथ ही भारतीय उद्योग ने अपने निर्यात बाजारों में भी विविधता लाई है, जिससे किसी एक देश पर निर्भरता कम होती है।
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टैरिफ पर निर्भर करेगा असली नुकसान
मल्होत्रा ने संकेत दिया कि भारत-अमेरिका डील नहीं होने का असर सभी क्षेत्रों पर एक जैसा नहीं होगा। इसका प्रभाव मुख्य रूप से इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिका भारतीय उत्पादों पर कितना शुल्क लागू करता है और किन वस्तुओं को इसमें शामिल किया जाता है। इसलिए अभी संभावित नुकसान का कोई निश्चित आंकड़ा बताना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि व्यापार समझौतों और निर्यात में विविधता से कुछ क्षेत्रों पर पड़ने वाले अतिरिक्त शुल्क का असर कम किया जा सकता है।
इसी दिन RBI ने बढ़ाई रेपो दर
संजय मल्होत्रा का यह बयान आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति के फैसले के दिन आया। बुधवार को आरबीआई ने रेपो दर में 25 आधार अंक की बढ़ोतरी करके इसे 5.50 प्रतिशत कर दिया। यह फरवरी 2023 के बाद पहली बढ़ोतरी है। साथ ही मौद्रिक नीति का रुख ‘संतुलित कड़ाई’ की ओर बदला गया है। आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए आर्थिक वृद्धि का अनुमान भी बढ़ाकर 7.1 प्रतिशत किया है।