India US Trade Deal : भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। दोनों देशों के बीच बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बताया है कि समझौते से जुड़े ज्यादातर मुद्दों पर बातचीत हो चुकी है और अब इसे अंतिम रूप देने की कोशिश चल रही है। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी संकेत दिया है कि समझौते को पूरा करने के लिए कुछ ही मुद्दे बाकी हैं। हालांकि, अभी ट्रेड डील पर औपचारिक मुहर नहीं लगी है। ऐसे में दोनों देशों के कारोबारियों और निर्यातकों की नजर आगे होने वाली बातचीत पर टिकी है।
व्हाइट हाउस ने क्या कहा?
व्हाइट हाउस ने भारत के साथ चल रही व्यापार वार्ता को सकारात्मक बताया है। प्रवक्ता मैथ्यू मिडलटन के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन भारतीय अधिकारियों के साथ बातचीत कर रहा है। इसका मकसद ऐसा व्यापार समझौता करना है, जो अमेरिकी हितों को प्राथमिकता दे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के करीबी संबंधों का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, दोनों नेता भारत-अमेरिका के रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना चाहते हैं। हालांकि, समझौते की अंतिम शर्तों और इसे लागू करने की तारीख को लेकर अभी कोई पक्की घोषणा नहीं हुई है।
पीयूष गोयल ने दिया बड़ा अपडेट
पीयूष गोयल ने नीदरलैंड के हेग में आयोजित भारत-नीदरलैंड बिजनेस फोरम के दौरान बताया कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता का बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है। अब समझौते के अंतिम प्रारूप को बेहतर बनाने पर काम हो रहा है। गोयल जर्मनी और नीदरलैंड की यात्रा पर गए भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारत ने पिछले साढ़े चार वर्षों में नौ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं। भारत-अमेरिका डील को लेकर बातचीत आगे बढ़ने से उम्मीदें बढ़ी हैं, लेकिन अंतिम समझौते की घोषणा का इंतजार है।
टैरिफ को लेकर फरवरी में हुई थी घोषणा
भारत और अमेरिका ने फरवरी 2026 में व्यापार समझौते के पहले चरण के लिए रूपरेखा की घोषणा की थी। 7 फरवरी को अमेरिकी पक्ष ने भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने की बात कही थी। इसके बाद अमेरिका की टैरिफ नीति में बदलाव और अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से जुड़े घटनाक्रमों ने बातचीत को नया मोड़ दिया। दोनों देशों के बीच समझौते को आगे बढ़ाने के लिए हाल के महीनों में कई उच्चस्तरीय बैठकें भी हुई हैं। अब बातचीत का जोर बाकी मुद्दों को सुलझाने और समझौते की शर्तों को अंतिम रूप देने पर है।
अक्टूबर में हुईं अहम बैठकें
भारत और अमेरिका के अधिकारियों के बीच अक्टूबर में भी कई अहम बैठकें हुईं। पीयूष गोयल ने 1 अक्टूबर को मिलवॉकी में जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के दौरान अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर से मुलाकात की थी। इसके बाद भारतीय अधिकारियों के दल ने 15 से 17 अक्टूबर तक वाशिंगटन में अमेरिकी अधिकारियों के साथ बातचीत की। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 20 अक्टूबर को मुंबई यात्रा के दौरान कहा था कि समझौते को अंतिम रूप देने के लिए कुछ ही मुद्दे बाकी हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि अमेरिकी विदेश विभाग सीधे व्यापार वार्ता नहीं करता, लेकिन इस प्रक्रिया में उसकी अहम भूमिका है।
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500 अरब डॉलर की खरीद पर नजर
भारत ने अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर के उत्पाद खरीदने का इरादा जताया है। इसमें ऊर्जा उत्पाद, विमान और उनके कलपुर्जे, बहुमूल्य धातुएं, प्रौद्योगिकी से जुड़े उत्पाद और कोकिंग कोयला शामिल हैं। अमेरिका चाहता है कि भारत उससे ऊर्जा और तकनीक समेत कई क्षेत्रों में खरीद बढ़ाए। दूसरी ओर, भारतीय निर्यातक अमेरिकी बाजार में अपने सामान पर टैरिफ में राहत मिलने की उम्मीद कर रहे हैं। अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। ऐसे में समझौता होने पर ऊर्जा, विमानन, तकनीक और निर्यात जैसे क्षेत्रों पर असर पड़ सकता है।