भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही व्यापार वार्ता अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। दोनों देशों के शीर्ष अधिकारी नई दिल्ली में अहम बैठक करने जा रहे हैं, जिसके बाद बहुप्रतीक्षित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के पहले चरण को अंतिम रूप दिया जा सकता है। माना जा रहा है कि अगले 48 घंटे भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
नई दिल्ली में होगी हाई लेवल बैठक
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर के बीच उच्च स्तरीय बैठक प्रस्तावित है। दोनों पक्ष लंबे समय से व्यापार समझौते के पहले चरण पर सहमति बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इससे पहले दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है। हाल ही में फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस मुद्दे पर चर्चा की थी।
अंतिम चरण में पहुंची बातचीत
विदेश सचिव विक्रम मिसरी के अनुसार, व्यापार समझौते को लेकर बातचीत अंतिम दौर में पहुंच चुकी है। दोनों देशों ने हाल के सप्ताहों में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रगति दर्ज की है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने भी संकेत दिए हैं कि मौजूदा बैठक में समझौते के फ्रेमवर्क को अंतिम रूप दिया जा सकता है। इससे पहले पीयूष गोयल ने उम्मीद जताई थी कि जुलाई के मध्य तक पहले चरण पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं।
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टैरिफ को लेकर बनी हुई है चुनौती
व्यापार वार्ता में सबसे बड़ा मुद्दा टैरिफ व्यवस्था को लेकर है। भारत चाहता है कि उसके निर्यातकों को वियतनाम, बांग्लादेश और इंडोनेशिया जैसे प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर बाजार पहुंच मिले। पहले दोनों देशों के बीच भारतीय निर्यात पर अपेक्षाकृत कम शुल्क लगाने को लेकर चर्चा हुई थी, लेकिन फिलहाल सभी देशों पर समान 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लागू है। भारत इसी स्थिति में बदलाव चाहता है।
24 जुलाई की समय सीमा बढ़ा रही महत्व
अमेरिका ने अपने व्यापारिक साझेदार देशों से आयात पर 150 दिनों के लिए अस्थायी 10 प्रतिशत शुल्क लगाया था, जिसकी अवधि 24 जुलाई को समाप्त हो रही है। इसके बाद नई टैरिफ व्यवस्था लागू हो सकती है। ऐसे में भारत और अमेरिका दोनों इस समय सीमा से पहले समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि व्यापारिक लाभ और बाजार पहुंच को लेकर स्पष्टता हासिल की जा सके।