India US Trade Deal : भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से अटकी व्यापार समझौते की बातचीत अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों को टैरिफ में छूट देने के ऐलान के बाद दोनों देशों के बीच समझौते की उम्मीद बढ़ गई है। इसी बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी संकेत दिया है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर जल्द हस्ताक्षर हो सकते हैं। हालांकि, अभी समझौते पर आधिकारिक मुहर लगना बाकी है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या दोनों देश जल्द व्यापारिक रिश्तों को नई दिशा देने में सफल होंगे।
ट्रंप के ऐलान से बदले हालात
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार, 17 अक्टूबर को भारत समेत पांच देशों को रूस से तेल और गैस खरीदने के मामले में टैरिफ से छूट देने की घोषणा की। रूस से ऊर्जा खरीद को लेकर भारत और अमेरिका के बीच पहले तनाव की स्थिति बनी थी। ऐसे में अमेरिकी रुख में नरमी को दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के लिए अहम संकेत माना जा रहा है। हालांकि, इस फैसले को ट्रेड डील की अंतिम मंजूरी नहीं माना जा सकता। समझौते की दिशा और समयसीमा इस बात पर निर्भर करेगी कि दोनों पक्ष बाकी मुद्दों पर किस तरह सहमति बनाते हैं।
सीतारमण ने क्या संकेत दिए
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को उम्मीद जताई कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बातचीत जारी है और भारतीय वाणिज्य मंत्री भी समझौते पर जल्द हस्ताक्षर होने की उम्मीद जता चुके हैं। सीतारमण के मुताबिक, इस समझौते को वैश्विक व्यापार और दोनों देशों के द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों के हित में पूरा करना महत्वपूर्ण है। उनके बयान से साफ है कि भारत समझौते को आगे बढ़ाने के पक्ष में है। हालांकि, जब तक आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक इसकी अंतिम तारीख को लेकर निश्चित तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता।
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पीयूष गोयल ने दिया अपडेट
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को बताया था कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के पहले चरण को अंतिम रूप दिया जा चुका है। फिलहाल इसका कानूनी मसौदा तैयार किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि इसे जल्द पूरा कर लागू किया जा सकेगा। गोयल ने यह भी कहा कि समझौते के जरिए भारत को प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले बेहतर स्थिति हासिल करने में मदद मिल सकती है। कानूनी मसौदा तैयार होना बातचीत में प्रगति का संकेत है, लेकिन समझौते के लागू होने से पहले संबंधित प्रक्रियाओं का पूरा होना जरूरी है।
अब किन बातों पर नजर
भारत-अमेरिका ट्रेड डील का असर दोनों देशों के कारोबार, निर्यातकों और उद्योगों पर पड़ सकता है। समझौते के तहत टैरिफ, बाजार तक पहुंच और व्यापारिक शर्तों से जुड़े मुद्दे अहम रहेंगे। भारत के लिए अमेरिकी बाजार में निर्यात के अवसर बढ़ाना महत्वपूर्ण है, जबकि अमेरिका भी भारतीय बाजार में कारोबार की संभावनाओं को देखता है। फिलहाल दोनों पक्षों के बयानों से बातचीत आगे बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। लेकिन ट्रेड डील पर हस्ताक्षर कब होंगे और उसकी शर्तें क्या रहेंगी, इसका पता आधिकारिक घोषणा के बाद ही चलेगा।