
Controversy over tariff announcement,: अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक रिश्तों में इन दिनों तनाव दिखाई दे रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25% टैरिफ (आयात शुल्क) लगाने की घोषणा करके सबको चौंका दिया, लेकिन अब उन्होंने यह भी कहा है कि यह फैसला अभी अंतिम नहीं है और बातचीत जारी है. भारत की ओर से भी इस पर प्रतिक्रिया आई है. हालांकि दबी जुबान से ये भी कहा जा रहा है कि ट्रंप जल्द ही टैरिफ वाले फैसले को वापस लेने की घोषणा करने वाले हैं. क्योंकि जिस तरह से उनकी एक्स पर प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. इससे साफ हो जाता है कि यह फैसला जल्दबाजी में लिया गया है.
#WATCH ANI द्वारा पूछे गए इस सवाल पर कि क्या वह टैरिफ पर भारत के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "हम अभी उनसे बात कर रहे हैं। देखते हैं क्या होता है। भारत दुनिया में सबसे ज़्यादा या लगभग सबसे ज़्यादा टैरिफ लगाने वाला देश था... देखते हैं। हम… pic.twitter.com/Qbexi9j5Gm
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 31, 2025
ब्रिक्स को बताया अमेरिका विरोधी
डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि भारत दुनिया के उन देशों में से एक है, जो आयात पर सबसे ज्यादा टैक्स लगाते हैं — कुछ मामलों में 100 से 150 फीसदी तक. उन्होंने कहा कि इससे अमेरिका को भारी व्यापारिक नुकसान हो रहा है और इसलिए उन्होंने भारत से आयात पर 25% टैरिफ लगाने का फैसला लिया है, जो 1 अगस्त से लागू किया जाना है. हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि भारत से इस मुद्दे पर बातचीत चल रही है और अंतिम निर्णय बातचीत के आधार पर ही लिया जाएगा. ट्रंप ने यह भी कहा कि भारत रूस से बड़ी मात्रा में सैन्य उपकरण और तेल खरीद रहा है, जो अमेरिका को मंजूर नहीं है, खासकर यूक्रेन युद्ध के समय में। उन्होंने BRICS समूह को “अमेरिका विरोधी गठबंधन” बताते हुए भारत की भूमिका पर सवाल उठाए.
भारत ने भी अपनाया कड़ा रुख
इस पर भारत सरकार की ओर से भी प्रतिक्रिया आई है. विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत अपनी व्यापार नीतियों की समीक्षा करने को तैयार है, लेकिन वह अपने रणनीतिक हितों से समझौता नहीं करेगा. भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी एक पक्ष के दबाव में आकर अपने ऊर्जा स्रोत या रक्षा संबंधों को तय नहीं करेगा. फिलहाल, दोनों देशों के बीच राजनयिक स्तर पर बातचीत जारी है और आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि टैरिफ का यह मुद्दा सुलझता है या नहीं. व्यापार और कूटनीति के लिहाज़ से यह स्थिति भारत-अमेरिका संबंधों की दिशा तय कर सकती है.