India-Uzbekistan Showcase: भारत और उज्बेकिस्तान के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘अभ्यास डस्टलिक’ का 7वां संस्करण रविवार से उज्बेकिस्तान में शुरू हो गया है। यह अभ्यास 25 अप्रैल तक चलेगा और इसमें दोनों देशों की सेनाएं मिलकर आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की रणनीतियों पर काम कर रही हैं। इसका उद्देश्य द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करना और संयुक्त सैन्य क्षमताओं को बढ़ाना है।
संयुक्त अभियान पर विशेष फोकस
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस अभ्यास में स्पेशल ऑपरेशंस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सैनिकों को वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति में तेज और सटीक निर्णय ले सकें। इसमें घेराबंदी, छापेमारी और बंधकों को सुरक्षित निकालने जैसी तकनीकों का अभ्यास शामिल है।
सेनाओं की भागीदारी
भारतीय दल में 60 जवान शामिल हैं, जिनमें 45 सेना और 15 वायु सेना के हैं। इनमें से अधिकतर जवान महार रेजिमेंट से हैं। वहीं, उज्बेकिस्तान की ओर से भी सेना और वायु सेना के 60 जवान इस अभ्यास में हिस्सा ले रहे हैं। यह संयुक्त भागीदारी दोनों देशों के बीच सैन्य तालमेल को मजबूत करेगी।
तकनीकों का आदान-प्रदान
इस अभ्यास के दौरान दोनों देश अपनी-अपनी सैन्य रणनीतियों, तकनीकों और प्रक्रियाओं को साझा करेंगे। इससे सैनिकों को एक-दूसरे की कार्यशैली को समझने का अवसर मिलेगा और संयुक्त अभियान चलाने की क्षमता में सुधार होगा।
रिश्तों को मिलेगी नई मजबूती
अभ्यास के अंत में 48 घंटे का वैलिडेशन एक्सरसाइज आयोजित किया जाएगा, जिसमें संयुक्त अभियानों की तैयारी और क्रियान्वयन का परीक्षण होगा। यह अभ्यास न केवल सैन्य सहयोग को बढ़ाएगा, बल्कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच मित्रता और आपसी विश्वास को भी मजबूत करेगा।