भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेला जाएगा। पहला मैच बारिश की वजह से रद्द होने के बाद दोनों टीमें इस मुकाबले को जीतकर सीरीज में बढ़त बनाने के इरादे से उतरेंगी। ऐसे में सबसे ज्यादा नजरें पिच पर होंगी, जिसे बल्लेबाजों के लिए अनुकूल माना जा रहा है।
शुरुआत में तेज गेंदबाजों को मिल सकती है मदद
ओल्ड ट्रैफर्ड की पिच पर नई गेंद से शुरुआती कुछ ओवरों में तेज गेंदबाजों को हल्की स्विंग और उछाल मिल सकती है। हालांकि जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता है, बल्लेबाजी आसान होती जाती है और बड़े स्कोर बनने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में मध्य और डेथ ओवरों में बल्लेबाज हावी रह सकते हैं।
चेज करने वाली टीम का रिकॉर्ड बेहतर
मैनचेस्टर में अब तक 15 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। इनमें पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम को सिर्फ 4 जीत मिली हैं, जबकि लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम 6 मुकाबले जीत चुकी है। पांच मैच बारिश या अन्य कारणों से बेनतीजा रहे। यहां पहली पारी का औसत स्कोर करीब 150 रन रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में बड़े स्कोर भी देखने को मिले हैं।
भारत का रिकॉर्ड भी रहा है अच्छा
भारतीय टीम ने ओल्ड ट्रैफर्ड में अब तक दो टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। 2011 में उसे इंग्लैंड के खिलाफ हार मिली थी, जबकि 2018 में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए आठ विकेट से जीत दर्ज की थी। इस मैदान पर इंग्लैंड का घरेलू रिकॉर्ड भी मजबूत रहा है।
बारिश डाल सकती है खलल
मौसम भी मुकाबले में अहम भूमिका निभा सकता है। मौसम विभाग के अनुसार मैच के दौरान बारिश की संभावना बनी हुई है। अगर बारिश हुई तो डकवर्थ-लुईस नियम लागू हो सकता है और टॉस का महत्व भी बढ़ जाएगा।
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क्या रह सकती है रणनीति?
पिच और रिकॉर्ड को देखते हुए टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी का फैसला कर सकती है। शुरुआती ओवरों में गेंदबाजों को मौके मिलेंगे, लेकिन बाद में बल्लेबाज खुलकर खेल सकते हैं। ऐसे में एक रोमांचक और हाई-स्कोरिंग मुकाबले की उम्मीद की जा रही है।