भारत और इंग्लैंड के बीच मंगलवार से तीन वनडे मैचों की सीरीज शुरू होने जा रही है। पहला मुकाबला बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेला जाएगा। टी20 सीरीज में भारत को एक भी जीत नहीं मिली थी लेकिन वनडे में कहानी बिल्कुल अलग रही है। भारत इस बार हार का जवाब जीत के साथ देना चाहेगा।
इंग्लैंड पर भारी रहा है भारत
भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक 110 वनडे मुकाबले खेले गए हैं। इनमें भारत ने 61 मैच जीते हैं जबकि इंग्लैंड को 44 मुकाबलों में जीत मिली है। दो मैच बराबरी पर खत्म हुए और तीन मुकाबलों का कोई नतीजा नहीं निकला। यानी वनडे में इंग्लैंड के खिलाफ भारत का पलड़ा साफ तौर पर भारी रहा है।
इंग्लैंड में आसान नहीं रही राह
हालांकि इंग्लैंड की धरती पर भारत का सफर आसान नहीं रहा है। भारत ने यहां इंग्लैंड के खिलाफ 44 वनडे मुकाबले खेले हैं। इनमें 18 मैचों में भारत को जीत मिली जबकि 23 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा। एक मैच बराबरी पर रहा और दो मुकाबलों का नतीजा नहीं निकल सका।
रोहित विराट के आने से बढ़ी ताकत
टी20 सीरीज में भारत के बल्लेबाज परेशान नजर आए थे लेकिन वनडे टीम में रोहित शर्मा और विराट कोहली की वापसी हुई है। शुभमन गिल टीम की कमान संभालेंगे। श्रेयस अय्यर केएल राहुल और ईशान किशन भी बल्लेबाजी को मजबूत बनाएंगे। ऐसे में इंग्लैंड के गेंदबाजों के लिए भारतीय बल्लेबाजों को रोकना आसान नहीं होगा।
बुमराह की गेंदों पर रहेंगी नजरें
जसप्रीत बुमराह वनडे सीरीज में भारत की तेज गेंदबाजी संभालेंगे। उनका साथ प्रसिद्ध कृष्णा अर्शदीप सिंह प्रिंस यादव और गुरनूर बराड़ दे सकते हैं। वहीं कुलदीप यादव और रवि बिश्नोई घूमती गेंदों से इंग्लैंड के बल्लेबाजों को परेशान करने की कोशिश करेंगे।
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टी20 और वनडे की कहानी है अलग
इंग्लैंड ने टी20 सीरीज में भारत को जरूर हराया लेकिन वनडे के पुराने आंकड़े भारत के साथ हैं। रोहित विराट और बुमराह जैसे बड़े खिलाड़ियों की वापसी से टीम की ताकत भी बढ़ गई है। ऐसे में इंग्लैंड अगर टी20 की जीत देखकर भारत को कमजोर समझता है तो उसे बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है।