India New Zealand Bowling Plan : न्यूजीलैंड दौरे पर टीम इंडिया के सामने सिर्फ मैच जीतने की चुनौती नहीं है, बल्कि अपने गेंदबाजों को फिट रखने की भी बड़ी परीक्षा है। पांच टी20, पांच वनडे और दो टेस्ट मैचों के व्यस्त कार्यक्रम को देखते हुए भारतीय टीम ने गेंदबाजों के कार्यभार को संभालने की खास योजना बनाई है। गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने बताया कि टेस्ट सीरीज के लिए गेंदबाजों का एक अलग समूह बैकअप के तौर पर तैयार रखा जाएगा। इसका मकसद खिलाड़ियों को जरूरत से ज्यादा थकाए बिना हर प्रारूप के लिए तैयार रखना है। टीम प्रबंधन चाहता है कि लंबे दौरे के दौरान गेंदबाजों की फिटनेस और प्रदर्शन पर असर न पड़े।
वनडे के बाद चार दिन में टेस्ट
भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की वनडे सीरीज खत्म होने के महज चार दिन बाद 19 नवंबर से टेस्ट सीरीज शुरू होनी है। इतने कम समय में गेंदबाजों को आराम देने और लाल गेंद के क्रिकेट के लिए तैयार करने की चुनौती होगी। मोर्ने मोर्कल के मुताबिक, टीम प्रबंधन न्यूजीलैंड की परिस्थितियों और मौसम को समझने के बाद गेंदबाजी संयोजन को अंतिम रूप देगा। इसी वजह से पहले से बैकअप विकल्प तैयार रखे जा रहे हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर किसी खिलाड़ी को मौका दिया जा सके। व्यस्त कार्यक्रम में खिलाड़ियों को संभालना टीम की अहम प्राथमिकता है।
अर्शदीप सिंह पर मोर्कल का भरोसा
भारतीय गेंदबाजी कोच ने तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह की क्षमताओं पर भरोसा जताया है। मोर्कल के मुताबिक, अर्शदीप टेस्ट सीरीज के संभावित गेंदबाजी समूह का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि टीम के पास ऐसे गेंदबाजों का अच्छा समूह है, जो अलग-अलग परिस्थितियों में उपयोगी साबित हो सकते हैं। अर्शदीप ने अभी तक भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला है, लेकिन उनकी स्विंग कराने की क्षमता न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में काम आ सकती है। हालांकि, उनके टेस्ट पदार्पण को लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
वनडे में बारी-बारी से मिलेगा मौका
टीम इंडिया वनडे सीरीज के दौरान गेंदबाजों को बारी-बारी से खेलने का मौका देगी। इससे खिलाड़ियों को मैच अभ्यास भी मिलेगा और उनका कार्यभार भी जरूरत के मुताबिक संभाला जा सकेगा। मोर्कल ने बताया कि गेंदबाजों को अपनी भूमिका और उनसे की जाने वाली अपेक्षाओं की जानकारी है। कुछ खिलाड़ी इंडिया-ए की ओर से लाल गेंद के मुकाबले भी खेल चुके हैं। इससे टीम प्रबंधन को टेस्ट क्रिकेट के लिए उनकी तैयारी और मैच फिटनेस का आकलन करने में मदद मिलेगी। वनडे में रोटेशन की रणनीति इसी तैयारी का हिस्सा है।
बुमराह की टेस्ट तैयारी पर नजर
जसप्रीत बुमराह को लेकर भी कार्यभार प्रबंधन अहम है। दी गई जानकारी के मुताबिक, बुमराह टेस्ट सीरीज की तैयारी के लिए वनडे सीरीज नहीं खेलेंगे। मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और आकाश दीप भी गेंदबाजी आक्रमण का हिस्सा होंगे। टीम प्रबंधन अलग-अलग खिलाड़ियों की फिटनेस और जरूरत के अनुसार योजना बना रहा है। हालांकि, लंबे दौरे में चोट या परिस्थितियों के कारण बदलाव की जरूरत पड़ सकती है। मोर्कल ने भी माना कि हर बार चीजें योजना के मुताबिक नहीं होतीं, इसलिए बैकअप विकल्प तैयार रखना जरूरी है।
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क्या काम आएगा टीम इंडिया का प्लान?
भारत की इस रणनीति का असली इम्तिहान न्यूजीलैंड के मैदानों पर होगा। वनडे में गेंदबाजों को रोटेट करना, इंडिया-ए के मैचों से टेस्ट की तैयारी और बैकअप समूह तैयार रखना टीम को लंबी सीरीज में मदद कर सकता है। लेकिन खिलाड़ियों की फिटनेस, पिचों की स्थिति और मैचों के बीच मिलने वाला कम समय नतीजे पर असर डाल सकते हैं। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि अर्शदीप सिंह को टेस्ट टीम में मौका मिलता है या नहीं और टीम इंडिया अपने तेज गेंदबाजों को पूरे दौरे में कितना तरोताजा रख पाती है।