India New Zealand Bowling Plan : न्यूजीलैंड के लंबे दौरे पर टीम इंडिया के सामने सिर्फ मैच जीतने की चुनौती नहीं होगी, बल्कि गेंदबाजों को फिट और तरोताजा रखने की भी परीक्षा होगी। पांच टी20, पांच वनडे और दो टेस्ट मैचों के व्यस्त कार्यक्रम के लिए भारतीय टीम ने खास योजना बनाई है। गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल के मुताबिक, टीम का मकसद खिलाड़ियों के काम का बोझ संभालना और हर प्रारूप के लिए उन्हें तैयार रखना है। इसी रणनीति को उन्होंने ‘बुलेटप्रूफ प्लान’ बताया है।
टेस्ट के लिए तैयार रहेगा बैकअप
मोर्ने मोर्केल ने बताया कि टेस्ट सीरीज से पहले गेंदबाजों का एक अलग समूह तैयार रखने की योजना है। जरूरत पड़ने पर इन खिलाड़ियों को मुख्य गेंदबाजी आक्रमण में शामिल किया जा सकता है। न्यूजीलैंड की पिचों और मौसम को देखते हुए गेंदबाजों की भूमिका तय की जाएगी। टीम प्रबंधन चाहता है कि किसी खिलाड़ी के चोटिल होने या उपलब्ध नहीं रहने पर तैयारी पर ज्यादा असर न पड़े। इसी वजह से मुख्य गेंदबाजों के साथ दूसरे विकल्पों पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
अर्शदीप सिंह भी चर्चा में
इस संभावित बैकअप समूह में बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह का नाम भी शामिल है। अर्शदीप ने अभी तक भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला है, लेकिन उनकी गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने की क्षमता उन्हें इस प्रारूप के लिए उपयोगी विकल्प बना सकती है। मोर्केल ने उनकी मेहनत और काबिलियत की तारीफ की है। हालांकि, अर्शदीप को टेस्ट टीम में शामिल करने या उनके पदार्पण को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया है।
वनडे में गेंदबाजों का रोटेशन
टीम इंडिया की योजना टेस्ट सीरीज तक सीमित नहीं है। वनडे मुकाबलों में भी गेंदबाजों को जरूरत के हिसाब से मौका दिया जाएगा। इससे खिलाड़ियों के काम का बोझ संभालने के साथ उनकी तैयारी को भी बेहतर बनाया जा सकेगा। मोर्केल के मुताबिक, टीम प्रबंधन ने गेंदबाजी की मात्रा और खिलाड़ियों की भूमिका को ध्यान में रखकर योजना बनाई है। हालांकि, चोट और मैदान की परिस्थितियों के कारण इसमें बदलाव भी करना पड़ सकता है।
बुमराह समेत सभी पर नजर
इस पूरी रणनीति में जसप्रीत बुमराह समेत सभी गेंदबाजों की फिटनेस और वर्कलोड पर ध्यान दिया जाएगा। इसका मकसद यह है कि खिलाड़ी वनडे मुकाबलों के बाद टेस्ट क्रिकेट के लिए भी तैयार रहें। हालांकि, मोर्केल ने बुमराह को किसी खास मैच में आराम देने या टीम से बाहर रखने का ऐलान नहीं किया है। उन्होंने पूरी गेंदबाजी इकाई के प्रबंधन, रोटेशन और बैकअप विकल्पों को अहम बताया। इसके अलावा, कुछ खिलाड़ी भारत ए की ओर से लाल गेंद के मैच खेलकर टेस्ट क्रिकेट की तैयारी कर रहे हैं।
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चार दिन में शुरू होगी टेस्ट सीरीज
भारत और न्यूजीलैंड के बीच वनडे सीरीज खत्म होने के महज चार दिन बाद 19 नवंबर से टेस्ट सीरीज शुरू होनी है। इतने कम समय में खिलाड़ियों को आराम, अभ्यास और मैच के लिए तैयार करना टीम प्रबंधन के सामने बड़ी चुनौती होगी। ऐसे में गेंदबाजों का रोटेशन, भारत ए के मैचों से तैयारी और बैकअप खिलाड़ियों की उपलब्धता अहम साबित हो सकती है। अब इस ‘बुलेटप्रूफ प्लान’ की असली परीक्षा मैदान पर होगी, जहां खिलाड़ियों की फिटनेस और न्यूजीलैंड की परिस्थितियां तय करेंगी कि यह रणनीति कितनी कारगर रहती है।