India vs New Zealand T20 Series : भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज 3-2 से अपने नाम कर ली। शुरुआती तीन मुकाबलों में जीत दर्ज करने के बाद टीम इंडिया को आखिरी दोनों मैचों में हार का सामना करना पड़ा। रविवार को खेले गए पांचवें टी20 मुकाबले में न्यूजीलैंड ने 192 रनों का लक्ष्य महज 18 ओवर में हासिल कर लिया। इस तरह सीरीज जीतने के बावजूद भारतीय टीम के प्रदर्शन पर सवाल उठने लगे हैं। खासकर बल्लेबाजी और गेंदबाजी में तीन ऐसी कमजोरियां सामने आईं, जिन्हें आने वाले मुकाबलों से पहले दूर करना जरूरी होगा।
टॉप ऑर्डर पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता
सीरीज में टीम इंडिया की सबसे बड़ी कमजोरी उसकी टॉप ऑर्डर बल्लेबाजी रही। शुरुआती तीन मैचों में जब संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा जैसे बल्लेबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया, तब टीम ने जीत दर्ज की। पहले मैच में सैमसन ने 67 रन बनाए, जबकि तीसरे मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने 113 रनों की शानदार पारी खेली। लेकिन चौथे और पांचवें मैच में दोनों बल्लेबाज नहीं चले तो टीम की मुश्किल बढ़ गई। तिलक वर्मा और श्रेयस अय्यर जैसे बल्लेबाज भी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके। इससे साफ हुआ कि शुरुआती विकेट जल्दी गिरने पर पूरी बल्लेबाजी लड़खड़ा जाती है।
गेंदबाजी में अनुभव की कमी पड़ी भारी
भारतीय टीम की दूसरी बड़ी कमजोरी गेंदबाजी में नजर आई। भुवनेश्वर कुमार ने न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के चार मैचों में 180 रन खर्च किए और सिर्फ एक विकेट हासिल किया। वहीं अर्शदीप सिंह छह विकेट लेकर भारत के सबसे सफल गेंदबाज रहे। मयंक यादव ने दो मैचों में चार विकेट जरूर लिए, लेकिन वह रनों पर लगाम लगाने में नाकाम रहे। प्रिंस यादव ने भी चार मैचों में 158 रन खर्च किए। ऐसे में गेंदबाजी का दबाव काफी हद तक अर्शदीप पर रहा। बाकी गेंदबाजों का प्रदर्शन टीम के लिए चिंता का विषय बना।
सपाट पिच पर भी बड़ा स्कोर नहीं बना पाई टीम
तीसरी कमजोरी बल्लेबाजी के दौरान बड़े स्कोर तक नहीं पहुंच पाना रही। सीरीज के पांचों मैचों में बल्लेबाजी के लिए अच्छी पिच देखने को मिली, जहां बड़े स्कोर बनने की उम्मीद थी। चौथे टी20 में न्यूजीलैंड ने 259 रन बनाए, लेकिन जवाब में भारतीय टीम 172 रन पर सिमट गई। वहीं पांचवें मुकाबले में भारत ने पहले 10 ओवर में 111 रन बना लिए थे। टीम के पास 220 से 230 रन तक पहुंचने का मौका था, लेकिन आखिरी 10 ओवर में सिर्फ 80 रन बने और भारत 191 रन ही बना सका।
आखिरी दो हार ने बढ़ाई चिंता
सीरीज के शुरुआती तीन मैच जीतकर भारत ने अपनी बढ़त मजबूत कर ली थी, लेकिन लगातार दो हार ने टीम की कमजोरियों को सामने ला दिया। खासकर बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय बल्लेबाजों का प्रदर्शन चिंता बढ़ाने वाला रहा। गेंदबाजी में भी शुरुआती विकेट मिलने के बाद रनों पर लगाम लगाने की जरूरत दिखाई दी। हालांकि भारत ने सीरीज 3-2 से जीत ली, लेकिन आखिरी दोनों मुकाबलों का प्रदर्शन टीम के लिए सीख लेने का मौका है।
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आगे की तैयारी में इन कमियों पर देना होगा ध्यान
न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली जीत भारतीय टीम के लिए अच्छी खबर है, लेकिन तीन बड़ी कमजोरियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। टॉप ऑर्डर के साथ मिडिल ऑर्डर को भी जिम्मेदारी निभानी होगी। गेंदबाजों को दबाव के समय रन रोकने होंगे और अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलना होगा। सीरीज के नतीजे ने भारत को जीत दिलाई है, लेकिन आखिरी दो मैचों ने यह भी दिखाया कि मजबूत टीमों के खिलाफ छोटी गलतियां भारी पड़ सकती हैं।