एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को गर्व करने का मौका दिया है। प्रतियोगिता में भारतीय दल ने 10 स्वर्ण, 5 रजत और 4 कांस्य पदक जीतकर कुल 19 पदक अपने नाम किए। इस शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत पदक तालिका में दूसरे स्थान पर रहा। मेजबान चीन पहले स्थान पर रहा, जबकि जापान तीसरे नंबर पर रहा। भारतीय खिलाड़ियों की इस सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि देश की युवा प्रतिभाएं अंतरराष्ट्रीय मंच पर बड़ी उपलब्धियां हासिल करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
प्रधानमंत्री ने बढ़ाया उत्साह
भारतीय दल की इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में खिलाड़ियों की मेहनत, समर्पण और जज्बे की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी सफलता आने वाली पीढ़ियों को भी खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी। खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के लिए यह संदेश किसी बड़े सम्मान से कम नहीं माना जा रहा है।
अंतिम दिन भारत का स्वर्णिम प्रदर्शन
प्रतियोगिता के आखिरी दिन भी भारतीय खिलाड़ियों का जलवा देखने को मिला। महिलाओं की 4×400 मीटर रिले टीम ने शानदार दौड़ लगाते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया और नया चैंपियनशिप रिकॉर्ड भी बनाया। इसके अलावा मुस्कान ने महिलाओं की 5000 मीटर दौड़ में पहला स्थान हासिल किया, जबकि वेंकटराम रेड्डी मोगली ने पुरुषों की 800 मीटर स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर भारत की झोली में एक और बड़ी सफलता डाली। अंतिम दिन आए इन पदकों ने भारत के अभियान को और भी यादगार बना दिया।
रिकॉर्ड बनाने में भी रहे आगे
भारतीय खिलाड़ियों ने केवल पदक ही नहीं जीते बल्कि कई नए रिकॉर्ड भी कायम किए। डिस्कस थ्रो में निश्चय ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नया राष्ट्रीय अंडर-20 रिकॉर्ड बनाया और रजत पदक हासिल किया। वहीं महिलाओं की 4×100 मीटर रिले टीम ने भी रिकॉर्ड समय के साथ रजत पदक जीता। काजल वाजा और उनकी साथियों के प्रदर्शन ने साबित किया कि भारतीय महिला खिलाड़ी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार मजबूत होती जा रही हैं।
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भविष्य के लिए मिला बड़ा संकेत
इस चैंपियनशिप में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन सिर्फ पदकों तक सीमित नहीं रहा। कई युवा खिलाड़ियों ने अपने खेल और आत्मविश्वास से यह संकेत दिया कि आने वाले वर्षों में भारत को उनसे और बड़ी सफलताएं मिल सकती हैं। एशिया के मंच पर 19 पदक जीतकर भारतीय खिलाड़ियों ने यह साबित कर दिया कि देश का खेल भविष्य सुरक्षित हाथों में है और आने वाले समय में यही युवा खिलाड़ी दुनिया भर में भारत का नाम रोशन करेंगे।