ब्लूमबर्ग फिलांथ्रोफीज ने भारत सरकार को तंबाकू नियंत्रण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया है। भारत के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को वैश्विक तंबाकू नियंत्रण के लिए प्रतिष्ठित ब्लूमबर्ग फिलैंथ्रोपीज पुरस्कार से 'ओ' श्रेणी में सम्मानित किया गया है, यह पुरस्कार 23 जून की रात (डबलिन समय के अनुसार) आयरलैंड के डबलिन में आयोजित विश्व तंबाकू नियंत्रण सम्मेलन में माइकल आर. ब्लूमबर्ग द्वारा दिया गया है। बता दें कि ओ श्रेणी में पुरस्कार तंबाकू छोड़ने में मदद देने की दिशा में किए गए प्रयासों के लिए मिलता है। भारत के अलावा मॉरीशस, मैक्सिको, मोंटेनेग्रो, फिलीपींस और यूक्रेन की सरकारों और गैर सरकारी संगठनों को भी तम्बाकू के उपयोग पर अंकुश लगाने में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
करोड़ों लोगों की बचाई जान
डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने कहा आज सम्मानित की गई उपलब्धियां दर्शाती हैं कि जब सरकारें और नागरिक समाज स्वास्थ्य की रक्षा के लिए निर्णायक रूप से काम करता है तो क्या कुछ संभव है। इन देशों ने न केवल शानदार तंबाकू-नियंत्रण उपायों को अपनाया है बल्कि उन्होंने संघर्ष और उद्योग के हस्तक्षेप सहित जटिल परिस्थितियों में भी ऐसा किया है"। वहीं पुरस्कार प्रदान करने वाले ब्लूमबर्ग फिलान्थ्रपीज के संस्थापक माइकल आर. ब्लूमबर्ग ने कहा, "वैश्विक तंबाकू नियंत्रण आंदोलन ने करोड़ों लोगों की जान बचाई है और इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य के सबसे सफल प्रयासों में से एक बनाया है"।
675 से अधिक तंबाकू निवारण केंद्र किए गए स्थापित
एनटीसीपी ने जिला अस्पतालों में 675 से अधिक तंबाकू निवारण केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिसमें वित्तीय वर्ष 2023-24 में 1.35 मिलियन परामर्श आयोजित हुए। 2016 में शुरू हुई नेशनल टोबैको क्विट लाइन सर्विस 16 भारतीय भाषाओं में सेवाएं देती है, जिसमें लगभग 100 परामर्शदाता हर माह 42,000 कॉल को अटेंड करते हैं। तंबाकू उत्पादों पर “QUIT TODAY, CALL 1800-11-2356” लिखना अनिवार्य किया गया है, जिससे कॉल की संख्या 30% बढ़ गई है। बता दें कि वैश्विक वयस्क तम्बाकू सर्वेक्षण (GATS) के अनुसार 2009-10 से 2016-17 में तम्बाकू के उपयोग में छह प्रतिशत की गिरावट आई है।