
आखिरकार वो दिन आ ही गया जिसका इंतजार पूरे हिंदुस्तान को 25 साल से था. डीवाई पाटिल स्टेडियम में इतिहास रचते हुए हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में टीम इंडिया ने साउथ अफ्रीका को हराकर महिला वर्ल्ड कप 2025 का खिताब जीत लिया. मैदान पर हिंद की शेरनियों ने ऐसी दहाड़ लगाई कि अफ्रीकी टीम के सपने चकनाचूर हो गए. पूरा स्टेडियम भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा. सचिन तेंदुलकर से लेकर रोहित शर्मा तक, हर दिग्गज ने सोशल मीडिया पर टीम इंडिया को सलाम किया. हरमनप्रीत की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े और देश झूम उठा क्योंकि अब महिला क्रिकेट में भी विश्व चैंपियन भारत है.
दीप्ति शर्मा और शेफाली वर्मा का कमाल
इस फाइनल मैच की दो असली हीरोइन रहीं दीप्ति शर्मा और शेफाली वर्मा. दरअसल दीप्ति ने गेंद से ऐसा कहर बरपाया कि अफ्रीका की बल्लेबाजों की कमर ही टूट गई. उन्होंने अकेले 5 विकेट झटककर लॉरा वूलवार्ट समेत टॉप ऑर्डर को उखाड़ फेंका. वहीं शेफाली वर्मा ने अपने बल्ले से वो किया जो अब तक किसी भारतीय ने महिला विश्व कप फाइनल में नहीं किया था. उन्होंने सिर्फ 78 गेंदों में 87 रन ठोक दिए, जिसमें 7 चौके और 2 छक्के शामिल थे. शेफाली अब विश्व कप फाइनल में फिफ्टी लगाने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं. उनका 111.53 का स्ट्राइक रेट किसी भी भारतीय क्रिकेटर का फाइनल में सबसे तेज रहा
लॉरा वूलवार्ट का शतक गया बेकार
दक्षिण अफ्रीका की कप्तान लॉरा वूलवार्ट ने जरूर शतक लगाया 96 गेंदों में 101 रन, लेकिन उनकी ये पारी टीम को जीत नहीं दिला सकी. वो क्रिकेट इतिहास की पहली कप्तान बन गईं, जिन्होंने वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल और फाइनल दोनों में शतक जड़ा लेकिन जब दीप्ति शर्मा ने उन्हें आउट किया, तो अफ्रीका की उम्मीदें भी पवेलियन लौट गईं. भारत ने जैसे मानो पुराना हिसाब चुकता कर लिया वो 2017 की हार का बदला, वो चोकर्स टैग का जवाब सब कुछ इस एक जीत में समा गया. अफ्रीका की कप्तान मैच खत्म होते ही भावुक होकर रो पड़ीं, जबकि हरमनप्रीत और मंधाना एक-दूसरे के गले लगकर फूट-फूटकर रोने लगीं लेकिन ये आंसू 25 साल के इंतजार के पूरे होने के थे
विश्व क्रिकेट में गूंजा भारत का नाम
जैसे ही टीम इंडिया ने जीत का आखिरी रन बनाया, पूरा देश झूम उठा. मुंबई की सड़कों से लेकर पटना, जयपुर और चेन्नई तक जश्न का माहौल छा गया. हरमनप्रीत कौर, शेफाली वर्मा और दीप्ति शर्मा को अब वर्ल्ड कप की तीन शेरनियां कहा जा रहा है. इस जीत के साथ भारत ने 25 साल बाद महिला क्रिकेट में नया इतिहास रचा है क्योंकि 25 साल बाद महिला क्रिकेट को नया चैंपियन मिला है