
कहते हैं कि जब इंसान के हाथ में कुछ ना तो उस वक्त सब कुछ वक्त पर छोड़ देना चाहिए. वक्त हमारे घावों को भर भी देता है और समय आने पर सुकून भी दे देता है. ऐसा ही कुछ 2 नवंबर 2025 की रात हुआ जब भारतीय महिला टीम ने नवी मुंबई का डीवाई पाटिल स्टेडियम में भारत का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया. इस ऐतिहासिक पल ने 19 नवंबर 2023 को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारतीय पुरुष टीम और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए मैच की कड़वी यादों पर एक मरहम का काम किया है.
दो साल पहले भारतीय पुरुष टीम को मिला हार
आपको जरूर याद होंगे 19 नवंबर 2023 के वो पल जब सारा देश भारतीय टीम के धुरंधरों की जीत के लिए दुआएं मांग रहा था, इसके साथ ही किसी को भी इस बात का जरा भी खौफ नहीं था कि भारतीय टीम ये खिताब जीतने से चूक सकती है. मगर अहमदाबाद के खचाखच भरे स्टेडियम में क्रिकेट प्रेमियों का जोश उस वक्त ठंडा पड़ने लगा जब एक- एक कर भारतीय टीम के विकेट गिरने लगे. किसी ने ये नहीं सोचा था कि विराट कोहली, रोहित शर्मा, मोहम्मद शमी जैसे भरोसेमंद खिलाड़ियों की मौजूदगी में भारत को ऐसा गहरा जख्म मिल सकता है. मगर होता तो वहीं है जो मंजूरे- खुदा होता है, ऑस्ट्रेलिया ने 6 विकेट से जीत हासिल कर खिताब अपने नाम कर लिया.
2025 में महिला खिलाड़ियों ने लहराया जीत का परचम
इस हार के दो साल बाद भारत को एक बार फिर मौका मिला इस खिताब को अपने घर लाने का. मगर ये मौका मिला था भारतीय महिला टीम को. जिसकी धाकड़ छोरियों ने इस खिताब को जीतने के लिए अपनी जी-जान लगा दी. 2 नवंबर 2025 की रात नवी मुंबई का डीवाई पाटिल स्टेडियम में इस बार इतिहास लिखने का मौका मिला हमारी छोरियों को जिन्होंने इस मौके को अपने हाथ से जाने नहीं दिया. इस बार भारतीय टीम के सामने थी साउथ अफ्रीका की टीम. जहां भारतीय टीम 3 बार फाइनल्स तक पहुंची थी वहीं साउथ अफ्रीका के लिए ये पहला मौका था. इस मैच के टॉस से लेकर जीत की घोषणा होने तक टीम ने हर पल अपना संयम और हौसले को जरा भी डगमगाने नहीं दिया. जिसने टीम के मजबूत हौसले की मिसाल पेश की.
शेफाली और दीप्ति रहीं इस जीत का हीरो
इस फाइनल मुकाबले की असल नींव रखी 87 रनों की विस्फोटक पारी खेलने वाली शेफाली वर्मा ने. इस मैच में शेफाली ने अपने बल्ले का ही नहीं बल्कि अपनी गेंदबाजी का भी जौहर दिखाया. जब शेफाली ने गेंद थामी तो साउथ अफ्रीका की टीम जीत की ओर बढ़ रही थी जिस पर शेफाली की लगातार दो गेंदों पर झटके गए दो विकेटों ने लगाम लगा दी लेकिन ये तो सिर्फ ट्रेलर था. असली कहर तो साउथ अफ्रीका की टीम पर दीप्ति शर्मा के रूप में बरसा जिन्होंने 5 विकेट लेकर दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से रोककर भारत को विश्व चैम्पियन बना दिया.
पूरा देश खुशी के जश्न में डूबा
इस जीत के साथ ही मैदान पर भारतीय खिलाड़ी खुशी से झूम उठीं. जहां हरमनप्रीत कौर ने झंडा लहराया, तो स्मृति मंधाना की आंखों से झरते आंसू उस खुशी की गवाही दे रहे थे. जिसका भारतीय महिला टीम को सालों से बड़ी ही बेसब्री से इंतजार था. इसके बाद जब कैमरे के सामने शेफाली मुस्कुराईं, तो ऐसा लगा जैसे 2023 के उन भीगे चेहरों पर भी मुस्कान लौट आई हो. यह जीत सिर्फ महिला क्रिकेट की नहीं थी, यह उन हर सपनों की जीत थी जो दो साल पहले अधूरे रह गए थे. यह जीत उस हर लड़की की थी जिसने किसी गली में बैट उठाया और दुनिया को साबित किया कि 'खेल हमारा भी है'. यह जीत उस हर भारतीय की थी जिसने 2023 की रात टीवी बंद करते वक्त सोचा होगा... फिर कभी मौका मिलेगा. इस जीत के साथ ही हर भारतीय का सीना भी गर्व से चौड़ा हो गया.