वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के फाइनल की रेस इस वक्त टीम इंडिया के लिए सबसे मुश्किल दौर में पहुंच चुकी है। हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ जीत के बाद न्यूजीलैंड टॉप-2 में पहुंच गया है, जबकि ऑस्ट्रेलिया लगातार जीत के साथ पहले स्थान पर बना हुआ है। साउथ अफ्रीका भी मजबूत दावेदार बना हुआ है। ऐसे में टीम इंडिया की स्थिति सबसे कमजोर नजर आ रही है और फाइनल की राह बेहद चुनौतीपूर्ण बन गई है।
2025 में टेस्ट फॉर्म बिगड़ा
साल 2025 टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिए निराशाजनक रहा है। टीम इंडिया ने अब तक 9 टेस्ट मैच खेले हैं, जिनमें सिर्फ 4 में जीत मिली, 4 में हार का सामना करना पड़ा और एक मैच ड्रॉ रहा। इस प्रदर्शन के चलते भारत के खाते में 52 अंक हैं और पॉइंट्स प्रतिशत केवल 48.15 है। यही वजह है कि टीम 9 टीमों की तालिका में छठे स्थान पर खिसक चुकी है। यह आंकड़े साफ इशारा कर रहे हैं कि इस बार सिर्फ नाम के दम पर फाइनल में जगह नहीं मिलने वाली।
ये भी पढ़ें : Match Fixing पर सख्त वार की तैयारी, BPL कांड के बाद BCB का बड़ा प्लान?
फाइनल में पहुंचने का गणित
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में जीत पर 12 अंक और ड्रॉ पर 6 अंक मिलते हैं। पिछले साइकल को देखें तो फाइनल के लिए लगभग 64 से 68 प्रतिशत पॉइंट्स जरूरी रहे हैं। भारत को इस स्तर तक पहुंचने के लिए अपने बचे हुए 9 टेस्ट में कम से कम 7 जीत हासिल करनी होंगी। अगर टीम 7 जीत और एक ड्रॉ हासिल कर लेती है, तो फाइनल की उम्मीद काफी हद तक जिंदा रहेगी। वहीं 8 जीत के साथ भारत की फाइनल एंट्री लगभग तय मानी जा सकती है। यानी अब हर टेस्ट मैच भारत के लिए निर्णायक बन चुका है।
आगे का रास्ता सबसे कठिन
टीम इंडिया को अब श्रीलंका, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीमों से भिड़ना है। पहले श्रीलंका दौरे पर दो टेस्ट होंगे, जहां 2-0 की जीत बेहद जरूरी मानी जा रही है। इसके बाद न्यूजीलैंड में दो टेस्ट खेले जाएंगे, जहां कम से कम 1-1 का ड्रॉ चाहिए होगा। अंत में घरेलू मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 5 टेस्ट की सीरीज होगी, जिसमें भारत को 4 जीत दर्ज करनी होंगी। अगर टीम इंडिया इस कठिन मिशन को पूरा कर लेती है, तो वह तीसरी बार WTC फाइनल में पहुंच सकती है। अब सवाल सिर्फ यही है—क्या दबाव में भारत फिर इतिहास रच पाएगा या सपना अधूरा रह जाएगा।