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Operation Sindoor: भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने खुलासा किया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारत की वायु रक्षा प्रणाली, खासकर एस-400, ने पाकिस्तान के छह लड़ाकू विमानों को मार गिराया। इनमें पांच फाइटर जेट और एक बड़ा विमान शामिल था, जिसे लगभग 300 किमी की दूरी से निशाना बनाया गया। मुरीदके और बहावलपुर में लश्कर के ठिकानों पर हमलों से लेकर शाहबाज जैकबाबाद एयरबेस पर एफ-16 हैंगर को नुकसान पहुंचाया गया। वायुसेना प्रमुख ने बताया कि छह रडार, कमांड सेंटर और कई विमानों को भी नष्ट किया गया। इस कार्रवाई में तीनों सेनाओं का बेहतरीन समन्वय और राजनीतिक इच्छाशक्ति निर्णायक साबित हुई।
पाकिस्तान को भारी नुकसान, बातचीत को मजबूर
एयर चीफ मार्शल के मुताबिक, 80 से 90 घंटे चले इस ऑपरेशन में पाकिस्तान को इतना नुकसान हुआ कि उसे आगे युद्ध जारी रखने पर भारी कीमत चुकाने का अंदेशा हो गया। नतीजतन, पाकिस्तान ने भारतीय डीजीएमओ को संदेश भेजकर वार्ता की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि यह तकनीकी रूप से उन्नत युद्ध था, जिसमें हमारे हमलों ने पाकिस्तान की वायुसेना को रक्षात्मक स्थिति में ला दिया। बालाकोट की तरह इस बार भी खुफिया और सैटेलाइट तस्वीरों के जरिए कार्रवाई के सबूत दुनिया के सामने रखे गए।
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सीमा पर भारतीय वर्चस्व का संदेश
एपी सिंह ने बताया कि पाकिस्तान का कोई भी विमान हमारी आकाश या कम रेंज की मिसाइल प्रणाली के पास भी नहीं आ सका। लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों ने उन्हें सीमा से पहले ही निशाना बना दिया। उन्होंने साफ किया कि भारत का मकसद किसी एक हवाई अड्डे को तबाह करना नहीं था, बल्कि पाकिस्तान को यह संदेश देना था कि भारतीय वायुसेना उसकी सीमा में कहीं भी सटीक हमला करने में सक्षम है। भोलारी और चकलाला एयरबेस पर हमले इसी रणनीति का हिस्सा थे। ऑपरेशन समाप्त करने पर कुछ लोगों ने और कार्रवाई की मांग की, लेकिन वायुसेना प्रमुख के मुताबिक, लक्ष्य हासिल होते ही युद्ध रोकना एक समझदारी भरा फैसला था।