देश के कई हिस्सों में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत और बढ़ती कीमतों को लेकर लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है। कई जगहों पर गैस मिलने में देरी हो रही है, वहीं कुछ जगह इंडक्शन चूल्हे भी बाजार में कम मिल रहे हैं। ऐसे हालात में अब सोलर कुकिंग को एक नए विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। इसी बीच इंडियन ऑयल का सोलर कुकिंग सिस्टम ‘सूर्य नूतन’ फिर चर्चा में आ गया है। हाल ही में कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर इस प्रोडक्ट से जुड़ी जानकारी अपडेट की है, जिससे लोगों की दिलचस्पी और बढ़ गई है।

सूरज की ऊर्जा से बनेगा घर का खाना
सूर्य नूतन एक खास तरह का सोलर स्टोव है जो सूरज की ऊर्जा का इस्तेमाल करके खाना पकाने में मदद करता है। यह आम सोलर कुकर से थोड़ा अलग है क्योंकि इसे सीधे धूप में रखने की जरूरत नहीं पड़ती। इसके लिए घर की छत पर सोलर पैनल लगाया जाता है, जहां से ऊर्जा एक केबल के जरिए किचन में लगे चूल्हे तक पहुंचती है। इस तरह घर के अंदर ही सामान्य गैस चूल्हे की तरह खाना बनाया जा सकता है। इसे इंडियन ऑयल के फरीदाबाद स्थित अनुसंधान केंद्र में तैयार किया गया है और इसे साफ और सस्ता विकल्प बताया जा रहा है।
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कम धूप में भी काम करेगा सिस्टम
इस सोलर कुकिंग सिस्टम की खास बात यह है कि इसमें एक विशेष थर्मल बैटरी लगाई जाती है। यह बैटरी सूरज की ऊर्जा को गर्मी में बदलकर स्टोर कर लेती है। इसकी वजह से अगर धूप कम हो जाए या शाम का समय हो तब भी खाना पकाना संभव हो जाता है। यह सिस्टम हाइब्रिड तरीके से भी काम करता है, यानी जरूरत पड़ने पर इसे बिजली से भी चलाया जा सकता है। इस वजह से बारिश या सर्दियों के मौसम में भी खाना बनाने में ज्यादा परेशानी नहीं होती।
तीन अलग मॉडल और कई तरह की कुकिंग
इस सोलर स्टोव को तीन अलग-अलग मॉडल में तैयार किया गया है ताकि परिवार अपनी जरूरत के हिसाब से इसे चुन सके। पहला मॉडल दिन के समय खाना बनाने के लिए है, जबकि दूसरा मॉडल दो समय की कुकिंग के लिए बनाया गया है। तीसरा मॉडल सबसे उन्नत है, जिसमें दिन के तीनों समय खाना बनाया जा सकता है। इसमें उबालना, भाप में पकाना, तलना और रोटी बनाना जैसे लगभग सभी काम किए जा सकते हैं। हालांकि फिलहाल इसे सीधे खरीदना आसान नहीं है और इसके लिए कंपनी की वेबसाइट पर पूछताछ करनी पड़ती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर ऐसी तकनीक बड़े स्तर पर अपनाई जाए तो भविष्य में गैस पर निर्भरता कम हो सकती है।
