Mohammad Shams Alam Sheikh : जापान में चल रहे एशियन पैरा गेम्स के दौरान भारतीय पैरा तैराक मोहम्मद शम्स आलम शेख से जुड़ा एक मामला सामने आया है। उन पर होटल की एक महिला कर्मचारी के साथ कथित यौन दुर्व्यवहार और छेड़छाड़ के आरोप लगे हैं। इस मामले के बाद जापानी पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और फिर भारत वापस भेज दिया गया। इस घटना से भारतीय खिलाड़ियों के दल में भी हलचल मच गई है। आइए जानते हैं पूरा मामला और अब खिलाड़ी पर क्या कार्रवाई हो सकती है।
होटल में क्या हुआ था
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना सोमवार को नागोया के उस होटल में हुई, जहां भारतीय पैरा तैराकी टीम ठहरी हुई थी। बताया गया है कि होटल की एक महिला कर्मचारी अपने काम के लिए शेख के कमरे में गई थी। इसी दौरान उनके खिलाफ गलत तरीके से छूने और अनुचित व्यवहार करने की शिकायत की गई। शिकायत सामने आने के बाद होटल प्रबंधन और स्थानीय आयोजन समिति तक मामला पहुंचा। हालांकि, आरोपों से जुड़े सभी तथ्यों का फैसला जांच और संबंधित प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।
जापानी पुलिस ने लिया एक्शन
शिकायत मिलने के बाद जापानी पुलिस ने मोहम्मद शम्स आलम शेख को हिरासत में लिया। घटना की जानकारी भारतीय दल के अधिकारियों को भी दी गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने होटल प्रशासन और संबंधित पक्षों के सामने लिखित माफी भी दी। इसके बाद शेख को जापान से वापस भेज दिया गया। वह मंगलवार को भारत लौटने के लिए रवाना हुए थे। इस पूरे मामले के चलते उन्हें प्रतियोगिता में अपनी तय स्पर्धाओं में हिस्सा लेने का मौका भी नहीं मिला।
कौन हैं मोहम्मद शम्स आलम शेख
मोहम्मद शम्स आलम शेख बिहार के मधुबनी जिले से ताल्लुक रखते हैं और पैरा तैराकी में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वह पुरुषों की 100 मीटर बटरफ्लाई एस5 और 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक एसबी4 स्पर्धाओं में विश्व में पहले स्थान पर रह चुके हैं। साल 2018 में जकार्ता एशियन पैरा गेम्स में उन्होंने पदक जीते थे। साल 2025 में भी उन्होंने रेक्याविक अंतरराष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक हासिल किया था।
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आजीवन प्रतिबंध तक की तैयारी
इस मामले के बाद पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया शेख के खिलाफ सख्त कार्रवाई पर विचार कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन पर आजीवन प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव भी सामने आया है। हालांकि, अभी इसे अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता। खेलों के बाद मामले की समीक्षा और संबंधित अधिकारियों की बैठक में आगे का निर्णय लिया जा सकता है। यह मामला अब सिर्फ एक खिलाड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय खेलों में खिलाड़ियों के व्यवहार और जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल खड़े कर रहा है।