Smit Machhar: फ्लाईदुबई एयरलाइंस के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित माछर की इस समय पूरी दुनिया में चर्चा है। उन्होंने अपनी सूझबूझ और जान की बाजी लगाकर 174 यात्रियों की जान सुरक्षित बचाई। उनकी इस बहादुर के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत दुनिया भर के नेताओं ने उनकी जमकर तारीफ की है और उन्हें सच्चा हीरो बताया गया है।
‘मां नहीं चाहती थीं कि बनें पायलट’
इस घटना के बाद स्मित माछर का एक पुराना इंटरव्यू सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें उन्होंने बताया कि उनकी मां कभी नहीं चाहती थीं कि वे पायलट बनें। स्मित ने कहा था कि जब मैंने 15-17 साल पहले अपनी मां को बताया था कि मैं पायलट बनना चाहता हूं, तो वे बहुत डर गई थीं। उस समय यह सेक्टर बिल्कुल अलग था और लोग बहुत कम पायलट बनते थे। इसके अलावा मेरी मां को विमान उड़ाने के नाम से भी बहुत डर लगता था।
फैमिली बिजनेस जॉइन करने वाले थे स्मित माछर
आपको बता दें कि स्मित माछर ने टेक्सटाइल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। शुरुआत में वे अपने परिवार का बिजनेस संभालना चाहते थे और इसके लिए मैनेजमेंट की पढ़ाई करने की योजना बना रहे थे। लेकिन बाद में उनका मन बदला और उन्होंने एविएशन सेक्टर को चुना, जिसकी बदौलत आज वे 174 लोगों के लिए रक्षक साबित हुए।
पीएम ने कहा हीरो
भारतीय कैप्टन स्मित माछर की पीएम मोदी ने तारीफ की है. उन्होंने माछर की तारीफ में पोस्ट शेयर किया था। उन्होंने लिखा कि कैप्टन स्मित माछर एक हीरो हैं। बेहद खतरनाक हालात और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए जबरदस्त हिम्मत और अटूट संकल्प दिखाया. उनकी बहादुरी से सैकड़ों लोगों की जान बची और एक बड़ी त्रासदी टल गई. भारत को कैप्टन मच्छर पर गर्व है. हम उनके जल्द ठीक होने, नई ताकत पाने और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। वहीं ट्रंप और नेतन्याहू ने भी माछर को बहादुर कहा है। इनके अलावा दुनिया के कई दिग्गज भारतीय कैप्टन की तारीफ कर रहे हैं।
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क्यों हो रही तारीफ
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में बुधवार को हवा में कॉकपिट के भीतर हुई हिंसक घटना ने विमान में सवार यात्रियों की जान खतरे में डाल दी। इस दौरान भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर ने अपने सह-पायलट को रोकने की कोशिश की। इस संघर्ष में कैप्टन मच्छर घायल हुए और उन्हें चाकू मारे गये। फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड 1073 ने बुधवार को इमरजेंसी सिग्नल भेजे थे। इसके बाद विमान 34,000 फुट की ऊंचाई से तेजी से 17,000 फुट से अधिक नीचे आ गया। बाद में उसका मार्ग सऊदी अरब के तबूक कर इमरजेंसी लैंडिंग करवाई थी।