Indian Railways Event : भारतीय रेलवे अब सिर्फ सफर और ट्रेनों तक सीमित अपनी छवि को थोड़ा बदलने की कोशिश कर रहा है। युवाओं को ध्यान में रखते हुए रेलवे के एक कार्यक्रम का अंदाज काफी अलग रखा गया। गुजरात के वडोदरा में पश्चिमी समर्पित माल गलियारे के पूरा होने के मौके पर हुए कार्यक्रम में आधुनिक रोशनी, बड़े पर्दे, संगीत और जोशीले माहौल का इस्तेमाल किया गया। इसका मकसद युवा पीढ़ी को रेलवे और देश के बदलते ढांचे से जोड़ना था।
युवाओं को ध्यान में रखकर बदला अंदाज
रेलवे का यह कार्यक्रम सामान्य सरकारी कार्यक्रमों से थोड़ा अलग था। आयोजन को इस तरह तैयार किया गया कि युवा दर्शकों को भी यह माहौल अपने जैसा लगे। कार्यक्रम में तेज संगीत, बड़ी स्क्रीन पर चलते दृश्य और रोशनी का इस्तेमाल किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रवेश के लिए रैंप भी तैयार किया गया था।
रेलवे दिखाना चाहता है नया चेहरा
इस पूरे आयोजन के पीछे सिर्फ एक बड़ी परियोजना का जश्न मनाना ही मकसद नहीं था। रेलवे यह संदेश भी देना चाहता है कि देश का बुनियादी ढांचा अब आधुनिक तरीके से आगे बढ़ रहा है। खासकर युवा पीढ़ी को यह दिखाने की कोशिश की गई कि रेलवे सिर्फ पुराने ढर्रे वाली व्यवस्था नहीं है, बल्कि नई तकनीक और आधुनिक सोच के साथ बदल रहा है।
पश्चिमी माल गलियारा पूरा होना बड़ी उपलब्धि
वडोदरा में आयोजित कार्यक्रम पश्चिमी समर्पित माल गलियारे के पूरा होने से जुड़ा था। यह परियोजना देश में सामान की आवाजाही को तेज और बेहतर बनाने के लिए बनाई गई है। इस गलियारे के जरिए मालगाड़ियों की रफ्तार और परिवहन व्यवस्था को बेहतर करने पर जोर दिया गया है। इसके पूरा होने को देश के परिवहन ढांचे में अहम कदम माना जा रहा है।
ऑनलाइन बुकिंग से लेकर खास प्रवेश तक
कार्यक्रम में शामिल होने की बुकिंग ऑनलाइन माध्यम से की गई थी। इसके बाद कार्यक्रम की पूरी प्रस्तुति भी युवाओं की पसंद को ध्यान में रखकर तैयार की गई। एलईडी स्क्रीन पर चलते दृश्य, रोशनी और संगीत ने पूरे आयोजन को सामान्य सरकारी कार्यक्रम से अलग रूप दिया। रेलवे की कोशिश साफ थी कि युवा दर्शक इस आयोजन से जुड़ाव महसूस करें।
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युवाओं तक पहुंच बनाने की कोशिश
सरकार की ओर से इन दिनों युवाओं तक अपनी बात पहुंचाने पर खास ध्यान दिया जा रहा है। ऐसे में रेलवे का यह आयोजन भी उसी बड़ी कोशिश का हिस्सा नजर आता है। रेलवे जैसी पुरानी और विशाल संस्था अगर युवाओं से जुड़ने के लिए अपने कार्यक्रमों की भाषा और अंदाज बदलती है, तो यह आने वाले समय में उसकी सार्वजनिक छवि को भी प्रभावित कर सकता है।