भारतीय रेलवे ने साफ किया है कि हर यात्री पर किराया बढ़ोतरी का असर नहीं पड़ेगा। सबअर्बन ट्रेनों और मंथली सीजन टिकट धारकों के किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके अलावा साधारण श्रेणी में 215 किलोमीटर तक की यात्रा करने वाले यात्रियों को पहले जितना ही किराया देना होगा। यानी रोजमर्रा के सफर करने वालों और कम दूरी के यात्रियों के लिए राहत बनी रहेगी। रेलवे का फोकस केवल उन यात्रियों पर है जो लंबी दूरी की यात्रा करते हैं।
215 किलोमीटर के बाद बदले नियम
नई किराया व्यवस्था के मुताबिक जैसे ही यात्रा की दूरी 215 किलोमीटर से ज्यादा होगी, किराए में बढ़ोतरी लागू हो जाएगी। साधारण श्रेणी में प्रति किलोमीटर 1 पैसा अतिरिक्त देना होगा। वहीं मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में नॉन-एसी और एसी दोनों श्रेणियों के लिए प्रति किलोमीटर 2 पैसे की बढ़ोतरी की गई है। यह बढ़ोतरी दिखने में छोटी है, लेकिन लंबी दूरी पर सफर करने वालों के टिकट पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
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दिल्ली से बड़े शहरों तक असर
दिल्ली से मुंबई की यात्रा करने पर अब टिकट करीब 27 से 28 रुपये महंगा हो जाएगा। दिल्ली से पटना जाने पर करीब 20 रुपये और दिल्ली से कोलकाता के सफर में लगभग 30 रुपये ज्यादा देने होंगे। दिल्ली से लखनऊ और जम्मू जैसे रूट पर बढ़ोतरी करीब 10 से 11 रुपये की रहेगी। स्लीपर, थर्ड एसी, सेकंड एसी और फर्स्ट एसी सभी श्रेणियों में दूरी के हिसाब से किराया बढ़ेगा, जिससे लंबी दूरी की यात्रा थोड़ी महंगी हो जाएगी।
रेलवे ने क्यों बढ़ाया किराया
रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस मामूली बढ़ोतरी से चालू वित्त वर्ष में करीब 600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होने की उम्मीद है। बीते कुछ वर्षों में रेलवे का खर्च तेजी से बढ़ा है। मैनपावर पर सालाना खर्च 1.15 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है और पेंशन पर करीब 60 हजार करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। कुल ऑपरेशनल खर्च 2.63 लाख करोड़ रुपये हो गया है। रेलवे का कहना है कि आम यात्रियों पर असर सीमित रहेगा, लेकिन लंबी दूरी के यात्रियों को अब सफर की योजना बनाते समय अतिरिक्त खर्च का ध्यान रखना होगा।