Indian Railways RPF Mission Octopus: यात्रियों के सामान चोरी, जेबकटी, अवैध वेंडिंग और पत्थरबाजी जैसी समस्याओं से अब निजात मिलने वाली है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने एक नई और अनोखी पहल की है, जिसे नाम दिया गया है ‘मिशन ऑक्टोपस’। यह अभियान यात्रियों को यात्रा के दौरान होने वाली 8 तरह की परेशानियों से छुटकारा दिलाने के लिए शुरू किया गया है। जिस तरह ऑक्टोपस अपने 8 पैरों से एक साथ काम करता है, उसी तरह यह मिशन भी रेलवे में होने वाले कई अपराधों पर एक साथ शिकंजा कसेगा।
क्या है मिशन ऑक्टोपस?
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल मंडल से शुरू हुए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य रेलवे परिसर और ट्रेनों में होने वाले अपराधों को रोकना है। इसमें चोरी, जेबकटी, अवैध हॉकिंग-वेंडिंग, चेन पुलिंग, नशा तस्करी, पत्थरबाजी, महिलाओं के खिलाफ अपराध और बच्चों के गुम होने की घटनाएं शामिल हैं।
कैसे करेगा काम?
इस मिशन के तहत रेलवे सुरक्षा बल बहु-आयामी रणनीति पर काम कर रही है।
ट्रेनों और स्टेशनों पर लगे सीसीटीवी कैमरों से 24x7 निगरानी की जाएगी।
आरपीएफ जवान सादे कपड़ों में भीड़-भाड़ वाले इलाकों में तैनात रहेंगे।
स्थानीय पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर ज्वाइंट ऑपरेशन चलाए जाएंगे।
खुफिया विंग को और मजबूत किया जा रहा है ताकि अपराधियों पर तुरंत कार्रवाई हो सके।
किन-किन अपराधों पर लगेगी लगाम?
पत्थरबाजी: घटनास्थलों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
चोरी और जेबकटी: अपराधियों को रंगे हाथ पकड़ा जाएगा।
चेन पुलिंग: समय पर ट्रेन संचालन सुनिश्चित किया जाएगा।
अवैध वेंडिंग व हॉकिंग: यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए रोक लगाई जाएगी।
नशा तस्करी: कस्टम विभाग के साथ मिलकर अभियान चलाया जाएगा।
महिला अपराध: महिला कोचों में सुरक्षा कड़ी की जाएगी।
गुमशुदा बच्चे: बच्चों को तुरंत बचाकर परिजनों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।
हालिया कार्रवाई
पिछले दो महीनों में आरपीएफ ने 1742 अवैध वेंडरों पर कार्रवाई की, 83 बच्चों को सुरक्षित उनके घर पहुंचाया, 1004 लोगों पर चेन पुलिंग के मामले दर्ज किए और चोरी व महिला अपराधों के खिलाफ 19 केसों में कार्रवाई की है। नशा तस्करी के दो बड़े मामले भी पकड़े गए, जिनमें करोड़ों रुपये की कीमत का गांजा बरामद हुआ।