Railway Women Coach Fine : ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे ने एक अहम नियम को फिर से स्पष्ट किया है। महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए महिला कोच में बिना अनुमति प्रवेश करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। रेलवे ने साफ कहा है कि आरक्षित महिला डिब्बे में नियम तोड़ने वाले यात्रियों को जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में यात्रा के दौरान कोच की श्रेणी देखकर ही उसमें चढ़ना जरूरी हो गया है।
रेलवे ने जारी की जानकारी
भारतीय रेलवे ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच के जरिए इस नियम की जानकारी साझा की है। रेलवे के अनुसार, महिला यात्रियों के लिए आरक्षित कोच में किसी पुरुष यात्री का बिना अनुमति प्रवेश करना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। इसका उद्देश्य महिला यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक माहौल उपलब्ध कराना है।
कितना देना पड़ सकता है जुर्माना?
नियम तोड़ने पर सबसे पहले यात्री पर 500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यदि जांच में मामला गंभीर पाया जाता है और यात्री दोषी साबित होता है, तो यह जुर्माना बढ़कर 2,500 रुपये तक पहुंच सकता है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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जुर्माना न देने पर और बढ़ेगी परेशानी
रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई यात्री लगाया गया जुर्माना भरने से इनकार करता है, तो उसके खिलाफ और कड़ी कार्रवाई हो सकती है। ऐसे मामलों में जुर्माने की राशि 5,000 रुपये तक पहुंच सकती है। इसलिए यात्रियों को सलाह दी गई है कि ट्रेन में चढ़ने से पहले यह जरूर देख लें कि संबंधित कोच किस
श्रेणी के यात्रियों के लिए आरक्षित है।
Ladies coaches are reserved for a reason.
— Southern Railway (@GMSRailway) September 13, 2026
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ट्रांसजेंडर यात्रियों को लेकर क्या नियम?
रेलवे ने ट्रांसजेंडर यात्रियों को लेकर भी स्थिति साफ की है। ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम 2019 के तहत परिभाषित ट्रांसजेंडर व्यक्तियों पर यह नियम उसी रूप में लागू नहीं होगा जैसा सामान्य पुरुष यात्रियों पर लागू होता है। रेलवे ने इस संबंध में अपने आधिकारिक मंच पर जानकारी साझा करते हुए भ्रम की स्थिति को दूर करने की कोशिश की है।
उदाहरण देकर समझाया नियम
दक्षिण रेलवे ने इस नियम को समझाने के लिए एक जागरूकता वीडियो भी जारी किया है। वीडियो में दिखाया गया है कि स्टेशन पर ट्रेन रुकने के बाद महिलाएं महिला आरक्षित कोच में चढ़ती हैं, लेकिन एक पुरुष यात्री भी उसी डिब्बे में प्रवेश कर जाता है। इसके बाद टिकट जांच कर्मचारी उसे रोकते हैं और नियमों की जानकारी देते हैं। रेलवे का कहना है कि यात्रियों को यात्रा से पहले कोच पर लिखे संकेतों को ध्यान से पढ़ना चाहिए, ताकि अनजाने में भी नियमों का उल्लंघन न हो और जुर्माने से बचा जा सके।