अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध का असर अब समुद्री मार्गों पर काम कर रहे भारतीय नाविकों पर भी दिखाई देने लगा है। पश्चिम एशिया के खतरनाक समुद्री इलाकों में करीब 23 हजार भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। हाल के दिनों में भारतीय क्रू वाले जहाजों पर कई हमले हुए हैं और तीन भारतीय नाविकों की मौत की खबर भी सामने आई है। नाविक संगठनों ने सरकार से तत्काल सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।
समुद्री इलाकों में बढ़ा खतरा, नाविकों की सुरक्षा पर चिंता
पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध के कारण समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक इस समय करीब 23 हजार भारतीय नाविक ऐसे जहाजों पर काम कर रहे हैं जो युद्ध प्रभावित क्षेत्रों के आसपास मौजूद हैं। नाविक संगठनों का कहना है कि पिछले एक हफ्ते में भारतीय जहाजों या भारतीय क्रू वाले जहाजों पर कई हमले हो चुके हैं, जिससे समुद्र में काम कर रहे नाविकों की जान खतरे में पड़ गई है।
मुंबई में अधिकारियों से मुलाकात, सरकार से की कार्रवाई की मांग
नाविक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हालात की गंभीरता को देखते हुए मुंबई में जहाजरानी महानिदेशालय के प्रमुख श्याम जगन्नाथन से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने युद्ध क्षेत्र में फंसे भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। यूनियन नेताओं ने सरकार से मांग की कि विदेश मंत्रालय और भारतीय नौसेना मिलकर इन नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की जाए।
भारतीय क्रू वाले जहाज पर गोलीबारी, बाल-बाल बचे नाविक
हाल ही में 5 मार्च को एक जहाज पर हमला होने की घटना सामने आई। बहामास के झंडे के तहत चल रहे ‘सोनांगोल नामीबे’ नाम के जहाज पर गोलीबारी की गई, जिस पर दस भारतीय नाविक सवार थे। यह जहाज इराक के बंदरगाह खोर अल जुबैर के पास खड़ा था। जहाज के डेक पर जोरदार धमाका हुआ, हालांकि जहाज की संचालन प्रणाली सुरक्षित रही और किसी नाविक की जान नहीं गई।
होर्मुज स्ट्रेट और फारस की खाड़ी घोषित हाई रिस्क जोन
समुद्री सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार होर्मुज स्ट्रेट, फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को अब उच्च जोखिम वाले समुद्री क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक इन इलाकों में इस समय 36 भारतीय झंडे वाले जहाज मौजूद हैं। इनमें से 24 जहाज होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिमी हिस्से में और 12 जहाज पूर्वी हिस्से में हैं, जबकि अदन की खाड़ी में भी तीन जहाज मौजूद बताए जा रहे हैं।
मुआवजे और नौसेना सुरक्षा की मांग
नाविक संगठनों ने सरकार से मांग की है कि युद्ध क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय नाविकों को भारतीय नौसेना की सुरक्षा प्रदान की जाए। साथ ही यह भी कहा गया है कि अगर किसी भारतीय नाविक की ड्यूटी के दौरान मौत होती है तो उसके परिवार को कम से कम 45 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया में युद्ध लंबा खिंचता है तो समुद्री व्यापार और वहां काम कर रहे हजारों भारतीय नाविकों की सुरक्षा बड़ा मुद्दा बन सकती है।