सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी 50 दोनों लाल निशान पर खुले और शुरुआती कारोबार में गिरावट का दबाव बना रहा। वैश्विक बाजारों में कमजोरी, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और निवेशकों की सतर्कता के कारण बाजार पर दबाव देखा गया। शुरुआती कारोबार में कई बड़े शेयरों में बिकवाली के चलते बाजार का मूड नकारात्मक नजर आया।
गिरावट के साथ खुला बाजार
शुक्रवार सुबह बाजार की शुरुआत ही गिरावट के साथ हुई। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स करीब 590 अंकों की कमजोरी के साथ लगभग 75,444 के स्तर पर खुला। वहीं निफ्टी 50 भी करीब 176 अंकों की गिरावट के साथ 23,462 के आसपास कारोबार शुरू करता दिखा। शुरुआती मिनटों में ही निवेशकों के बीच सतर्कता साफ दिखाई दी, जिसके कारण प्रमुख इंडेक्स दबाव में रहे।
शुरुआती कारोबार में बनी रही कमजोरी
बाजार खुलने के कुछ ही समय बाद भी गिरावट का सिलसिला जारी रहा। सुबह करीब 9:20 बजे तक सेंसेक्स करीब 560 से अधिक अंक गिरकर लगभग 75,467 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी भी लगभग 185 अंक फिसलकर 23,453 के आसपास ट्रेड करता दिखाई दिया। इससे साफ संकेत मिला कि निवेशकों का भरोसा फिलहाल कमजोर बना हुआ है।
इन शेयरों में दिखी तेजी और गिरावट
बाजार की कमजोरी के बावजूद कुछ कंपनियों के शेयरों में मजबूती देखने को मिली। पावर सेक्टर और ऊर्जा से जुड़े कुछ शेयरों में हल्की तेजी रही। वहीं दूसरी ओर इंफ्रास्ट्रक्चर, मेटल और ऑटो सेक्टर के कई बड़े शेयर दबाव में नजर आए। कई प्रमुख कंपनियों के स्टॉक्स में बिकवाली बढ़ने से बाजार की गिरावट और गहरी हो गई।
एशियाई बाजारों की कमजोरी का असर
वैश्विक संकेत भी बाजार के लिए ज्यादा सकारात्मक नहीं रहे। एशियाई शेयर बाजारों में भी गिरावट का माहौल देखने को मिला। जापान का निक्केई इंडेक्स करीब 2 प्रतिशत तक टूट गया, जबकि टॉपिक्स इंडेक्स में भी गिरावट दर्ज की गई। दक्षिण कोरिया के कोस्पी इंडेक्स और हांगकांग के बाजारों से भी कमजोर शुरुआत के संकेत मिले, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।
पिछले कारोबारी दिन भी बाजार में रही थी भारी गिरावट
इससे पहले गुरुवार को भी शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। उस दिन सेंसेक्स करीब 829 अंक गिरकर लगभग 76 हजार के स्तर के पास बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 50 भी 227 अंकों से ज्यादा फिसलकर करीब 23,639 पर बंद हुआ। कई सेक्टरों में बिकवाली देखने को मिली थी, जिससे बाजार का रुख लगातार दबाव में बना हुआ है।