Stock Market Volatility : भारतीय शेयर बाजार में 13 अगस्त 2026 को कारोबार के शुरुआती दौर में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती बढ़त के बाद निफ्टी पर दबाव बढ़ गया और यह 24,000 के नीचे फिसलते हुए करीब 24,340 के स्तर तक पहुंच गया। वहीं सेंसेक्स ने शुरुआती कारोबार में करीब 179 अंकों की बढ़त दर्ज की और 77,786 के आसपास पहुंच गया। बाजार में अलग-अलग सेक्टरों में खरीदारी और बिकवाली के कारण तस्वीर मिली-जुली बनी रही।
सेंसेक्स को बैंकों से सहारा
सेंसेक्स की बढ़त में बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों का योगदान देखने को मिला। HDFC Bank, ICICI Bank और SBI जैसे बड़े बैंकिंग शेयरों में खरीदारी से सेंसेक्स को मजबूती मिली। हालांकि बाजार में तेजी एकतरफा नहीं रही। निवेशकों की नजर अलग-अलग सेक्टरों के प्रदर्शन पर बनी हुई है और कमजोर शेयरों में बिकवाली के कारण प्रमुख सूचकांकों में उतार-चढ़ाव जारी है।
आईटी-फार्मा शेयरों पर दबाव
जहां बैंकिंग शेयरों में खरीदारी का रुख नजर आया, वहीं आईटी और फार्मा सेक्टर के कई शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली। इन सेक्टरों का निफ्टी में अच्छा-खासा भार होने के कारण इनकी कमजोरी का असर पूरे सूचकांक पर पड़ा। इसी वजह से सेंसेक्स और निफ्टी की चाल में अंतर भी दिखाई दिया। कारोबार के दौरान निवेशक कमजोर शेयरों से मुनाफा निकालते नजर आए।
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महंगाई के आंकड़ों का असर
बाजार की धारणा पर जुलाई की खुदरा महंगाई के आंकड़ों का भी असर है। बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक भारत की खुदरा महंगाई जुलाई में बढ़कर 4.45 फीसदी हो गई, जो लगातार दूसरे महीने RBI के 4 फीसदी लक्ष्य से ऊपर रही। हालांकि यह दर RBI की 2-6 फीसदी सहनशीलता सीमा के भीतर है। खाद्य महंगाई में बढ़ोतरी को जुलाई के आंकड़ों में अहम वजह माना गया है।
एक्सपायरी से बढ़ा उतार-चढ़ाव
डेरिवेटिव्स बाजार में एक्सपायरी के आसपास ट्रेडिंग गतिविधियां बढ़ने से भी शेयर बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इस दौरान ट्रेडर्स और बड़े निवेशक अपनी पोजीशन को एडजस्ट करते हैं, जिससे इंडेक्स में अचानक तेजी या गिरावट आ सकती है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति और मध्य पूर्व से जुड़ी भू-राजनीतिक चिंताओं के कारण कच्चे तेल की कीमतें भी बाजार के लिए अहम जोखिम बनी हुई हैं।