Jantar Mantar Protest Permission : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी विपक्षी आंदोलन के बीच इंडियन यूथ कांग्रेस ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। संगठन का आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया, जिसके खिलाफ अब न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की गई है। मामले पर शुक्रवार को सुनवाई होने की संभावना है।
दिल्ली पुलिस के फैसले को दी चुनौती
यूथ कांग्रेस ने अपनी याचिका में दिल्ली पुलिस के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें प्रदर्शन की अनुमति देने से मना किया गया था। संगठन का कहना है कि वह शांतिपूर्ण और नियंत्रित तरीके से प्रदर्शन करना चाहता है तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का पूरा सहयोग करेगा।
जल्द सुनवाई की मांग पर कोर्ट तैयार
वरिष्ठ अधिवक्ता संजॉय घोष ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन वासुदेव सांबरे के समक्ष मामले का उल्लेख करते हुए जल्द सुनवाई की मांग की। अदालत ने याचिका पर अगले दिन सुनवाई के लिए सहमति जताई। अब सभी की नजर इस बात पर है कि कोर्ट प्रदर्शन की अनुमति को लेकर क्या रुख अपनाता है।
15 अक्टूबर तक प्रदर्शन की मांगी थी इजाजत
इंडियन यूथ कांग्रेस ने 25 सितंबर से 15 अक्टूबर तक जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी। संगठन ने पुलिस को बताया था कि कार्यक्रम में लगभग 100 से 150 लोग शामिल होंगे और प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा। साथ ही भीड़ प्रबंधन के लिए स्वयंसेवकों और मार्शलों की तैनाती का भी आश्वासन दिया गया था।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ तेज हुआ विपक्ष का आंदोलन
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए है। बीते कुछ दिनों में संसद से लेकर सड़कों तक कई विरोध कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और कुछ फैसलों को लेकर सवाल उठा रहे हैं तथा जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
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राहुल-प्रियंका पर FIR के बाद बढ़ा सियासी तापमान
6 और 7 अक्टूबर को हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ मार्च और धरना दिया था। आकाशवाणी भवन परिसर में प्रवेश और प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है। ऐसे में अब हाईकोर्ट की सुनवाई और उसके फैसले पर राजनीतिक दलों की नजर टिकी हुई है।