Expensive Air Tickets: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव ने खाड़ी देशों में काम कर रहे भारतीयों की जिंदगी को प्रभावित किया है। खासतौर पर मुस्लिम समुदाय के लोग इस बार अपने परिवार से दूर ईद मनाने को मजबूर हैं। ईद-उल-फितर जैसे बड़े पर्व पर घर लौटने की उनकी योजना युद्ध, महंगी उड़ानों और अनिश्चित हालात के कारण अधूरी रह गई है।
महंगे टिकट
सऊदी अरब, दुबई और कतर जैसे खाड़ी देशों में काम कर रहे भारतीयों को इस बार सबसे बड़ी परेशानी उड़ानों के रद्द होने और टिकटों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के रूप में सामने आई है। कई जगह टिकट की कीमतें सामान्य से कई गुना तक बढ़ गई हैं, जिससे घर आना लगभग असंभव हो गया है।
त्योहार मनाने की मजबूरी
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के रहने वाले अकरम त्यागी जैसे कई लोग पहले से ही घर आने की तैयारी कर चुके थे, लेकिन लगातार उड़ानें रद्द होने से उनकी योजना विफल हो गई। इसी तरह रायबरेली और गाजियाबाद के कई लोग भी इस बार अपने परिवार के साथ त्योहार नहीं मना पा रहे हैं, जिससे उनके और उनके परिजनों के बीच भावनात्मक दूरी बढ़ गई है।
नौकरी जाने का डर
खाड़ी देशों में काम कर रहे कई भारतीयों के सामने एक और बड़ी चुनौती नौकरी को लेकर है। उनका कहना है कि अगर वे इस अनिश्चित माहौल में छुट्टी लेकर भारत आते हैं और हालात बिगड़ जाते हैं, तो समय पर वापस लौटना मुश्किल हो सकता है, जिससे उनकी नौकरी खतरे में पड़ सकती है।
जंग का असर
ईरान और अमेरिका सहित अन्य देशों के बीच जारी तनाव का असर अब आम लोगों के जीवन और त्योहारों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। इस बार ईद का जश्न कई परिवारों के लिए अधूरा रह गया है, जहां खुशियों की जगह चिंता और बेबसी ने ले ली है।