Indias Naval Missile: भारत लगातार अपनी रक्षा क्षमताओं को आधुनिक और मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 के दौरान अहम मिसाइल परीक्षणों की तैयारी की गई है। इसके लिए आधिकारिक तौर पर नोटिस टू एयरमैन (NOTAM) जारी कर दिया गया है। इस कदम को भारत की बढ़ती सैन्य ताकत और समुद्री सुरक्षा को लेकर गंभीरता के तौर पर देखा जा रहा है। परीक्षण के दौरान तय समुद्री और हवाई क्षेत्रों को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित रखा जाएगा, जिससे सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन हो सके।
विशाखापत्तनम से परीक्षण
जारी नोटिस के अनुसार, पहला संभावित नौसैनिक मिसाइल परीक्षण विशाखापत्तनम से बंगाल की खाड़ी की दिशा में किया जा सकता है। यह क्षेत्र भारतीय नौसेना के ईस्टर्न नेवल कमांड से जुड़ा हुआ है, जहां युद्धपोतों और पनडुब्बियों की तैनाती रहती है। इस परीक्षण की अधिकतम रेंज लगभग 680 किलोमीटर बताई गई है। तय समय के अनुसार, यह अभ्यास 25 दिसंबर 2025 की तड़के और 26 दिसंबर 2025 की सुबह हो सकता है। इस दौरान अंडमान और निकोबार द्वीप समूह से सटे इलाकों को भी सतर्कता क्षेत्र में रखा जाएगा। यह अभ्यास समुद्री मोर्चे पर भारत की तैयारियों को दर्शाता है।
चांदीपुर से दूसरा अभ्यास
इसके अलावा ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से भी एक और मिसाइल परीक्षण की योजना है। इसके लिए 29 दिसंबर 2025 से 3 जनवरी 2026 तक का समय निर्धारित किया गया है। इस परीक्षण में मिसाइल की संभावित रेंज 180 किलोमीटर से 400 किलोमीटर के बीच मानी जा रही है। मिसाइल को बंगाल की खाड़ी की ओर दागे जाने की संभावना है और संबंधित क्षेत्र को नो-फ्लाई ज़ोन घोषित किया गया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ये परीक्षण भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता, सामरिक संतुलन और क्षेत्रीय सुरक्षा को और मजबूत करेंगे।