संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर तीखी कूटनीतिक बयानबाजी देखने को मिली। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में कश्मीर, सिंधु जल संधि और 2025 के भारत-पाकिस्तान सैन्य तनाव का मुद्दा उठाया। इसके जवाब में संयुक्त राष्ट्र में भारत की प्रथम सचिव पेटल गहलोत ने पाकिस्तान के आतंकवाद और लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए। भारत ने अपने जवाब में ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान में रहने और पाकिस्तान में सत्ता व्यवस्था को लेकर भी तीखी टिप्पणी की।
लादेन का मुद्दा उठाकर भारत ने घेरा
भारत के जवाब का सबसे प्रमुख हिस्सा आतंकवाद को लेकर था। पेटल गहलोत ने 9/11 हमले की 25वीं बरसी का संदर्भ देते हुए कहा कि हमले का मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान की सैन्य अकादमी के पास रह रहा था। भारत ने इस तथ्य का हवाला देते हुए पाकिस्तान के उस रुख पर सवाल उठाया, जिसमें वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लोकतांत्रिक मूल्यों और आतंकवाद के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता की बात करता है। भारत की ओर से यह भी कहा गया कि पाकिस्तान में ही इस्तेमाल होने वाला ‘फॉर्म-47 सरकार’ का संदर्भ उसकी राजनीतिक व्यवस्था पर सवाल उठाता है।
‘फॉर्म-47 सरकार’ पर भारत का पलटवार
भारत ने पाकिस्तान के लोकतंत्र संबंधी दावों पर भी सवाल उठाए। गहलोत ने पाकिस्तान की मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था में सेना की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां सत्ता के वास्तविक संचालन को लेकर गंभीर सवाल हैं। ‘फॉर्म-47’ शब्द पाकिस्तान की घरेलू राजनीति में 2024 के आम चुनाव के बाद काफी इस्तेमाल हुआ है। विपक्षी दलों और नेताओं ने शहबाज सरकार के जनादेश पर सवाल उठाते हुए इस शब्द का इस्तेमाल किया है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि ‘फॉर्म-47 सरकार’ एक राजनीतिक आरोप/वर्णन है, कोई आधिकारिक संवैधानिक पदनाम नहीं।
कश्मीर और सिंधु जल संधि का भी जिक्र
शहबाज शरीफ ने अपने UNGA भाषण में कश्मीर का मुद्दा उठाया और 2025 के भारत-पाकिस्तान तनाव के संदर्भ में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने सिंधु जल संधि का मुद्दा भी उठाया और भारत के संधि को स्थगित रखने के फैसले पर आपत्ति जताई। भारत लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र सहित अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान के कश्मीर संबंधी दावों को खारिज करता रहा है और जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा बताता है।
आतंकवाद पर सवाल, जवाब देने से बचने का आरोप
इस पूरे घटनाक्रम के बीच शहबाज शरीफ से UN मुख्यालय पहुंचने और वहां से निकलने के दौरान पत्रकारों ने पाकिस्तान में आतंकवादियों को कथित पनाह देने और लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई से जुड़े सवाल भी पूछे। रिपोर्टों के मुताबिक शहबाज ने इन सवालों का जवाब नहीं दिया। दूसरी ओर भारत ने संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद के मुद्दे को पाकिस्तान के खिलाफ अपनी कूटनीतिक प्रतिक्रिया का प्रमुख आधार बनाया। इस तरह 81वें UNGA में दोनों देशों के बीच कश्मीर और जल विवाद के साथ आतंकवाद और पाकिस्तान की राजनीतिक व्यवस्था भी प्रमुख टकराव के मुद्दे बनकर सामने आए।