क्रिसमस के दिन भी इंडिगो के यात्रियों को राहत नहीं मिली। गुरुवार को IndiGo ने देश के अलग-अलग हवाई अड्डों से कुल 67 उड़ानें रद्द कर दीं। एयरलाइन ने इसके पीछे खराब मौसम और कुछ ऑपरेशनल कारण बताए हैं। लगातार उड़ानें रद्द होने से यह साफ है कि इंडिगो के लिए मुश्किलों का दौर अभी खत्म नहीं हुआ है, क्योंकि कंपनी पहले से ही शेड्यूल कटौती और नियामक निगरानी से गुजर रही है।
कई शहरों से उड़ानें हुईं प्रभावित
इंडिगो की वेबसाइट के अनुसार, रद्द की गई उड़ानों में से सिर्फ चार ऑपरेशनल कारणों से थीं, जबकि बाकी अधिकतर खराब मौसम की आशंका के चलते कैंसिल की गईं। जिन शहरों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा, उनमें अगरतला, चंडीगढ़, देहरादून, वाराणसी और बेंगलुरु शामिल हैं। यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है, जब DGCA ने 10 दिसंबर से 10 फरवरी तक आधिकारिक रूप से कोहरे के मौसम की घोषणा कर रखी है। इस दौरान उत्तर और पूर्वी भारत में कम दृश्यता के कारण उड़ानों में दिक्कतें आम हो जाती हैं।
कोहरे में उड़ान के लिए क्या जरूरी है
डीजीसीए के फॉग ऑपरेशन फ्रेमवर्क के तहत, एयरलाइनों को कम दृश्यता में सुरक्षित लैंडिंग के लिए पूरी तैयारी रखनी होती है। इसके लिए जरूरी है कि पायलटों को CAT-IIIB संचालन का प्रशिक्षण मिला हो और विमान कैटेगरी-III लैंडिंग सिस्टम से लैस हों। कैटेगरी-III तकनीक की मदद से विमान बेहद घने कोहरे में भी उतर सकते हैं। कैटेगरी-III-A में 200 मीटर तक की दृश्यता में लैंडिंग संभव है, जबकि कैटेगरी-III-B में 50 मीटर से भी कम दृश्यता में संचालन की अनुमति मिलती है।
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डीजीसीए की निगरानी में इंडिगो
उड़ानें रद्द होने की यह नई लहर ऐसे वक्त आई है, जब इंडिगो डीजीसीए की कड़ी निगरानी में है। दिसंबर की शुरुआत में पायलटों के ड्यूटी और आराम से जुड़े नए नियम लागू होने के बाद एक ही दिन में करीब 1,600 उड़ानें रद्द हो गई थीं। इसके बाद सरकार ने इंडिगो के घरेलू परिचालन में 10 प्रतिशत कटौती का आदेश दिया। नतीजतन, जहां पहले सर्दियों के शेड्यूल में रोज करीब 2,144 उड़ानें तय थीं, वहीं अब यह संख्या घटकर लगभग 1,930 रह गई है।
यात्रियों की नाराज़गी बढ़ी
नई रद्दीकरण के बीच इंडिगो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की। एयरलाइन ने कहा कि बेंगलुरु में कम दृश्यता और कोहरे के कारण उड़ान कार्यक्रम प्रभावित हुआ है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। हालांकि, इससे नाराज़ यात्रियों को ज्यादा राहत नहीं मिली। कई यात्रियों ने लंबी देरी और बार-बार उड़ान रद्द होने पर नाराज़गी जताई और मुआवजे की मांग की।