देश की दो बड़ी एयरलाइन कंपनियां इंडिगो और एयर इंडिया आने वाले दिनों में अपनी उड़ानों की संख्या कम करने की तैयारी कर रही हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार 1 जून से अगले 90 दिनों तक घरेलू उड़ानों में कटौती की जाएगी। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी एटीएफ की बढ़ती कीमतें और गर्मी के बाद यात्रा मांग में गिरावट बताई जा रही है।
कितनी घटेंगी उड़ानें?
जानकारी के अनुसार इंडिगो अपनी घरेलू उड़ानों में लगभग 5 से 7 प्रतिशत तक कटौती कर सकती है, जबकि एयर इंडिया करीब 15 प्रतिशत उड़ानें कम करने की तैयारी में है। भारतीय विमानन बाजार में इन दोनों कंपनियों की हिस्सेदारी बहुत बड़ी मानी जाती है। ऐसे में इस फैसले का असर यात्रियों पर भी दिखाई दे सकता है।
तेजी से बढ़ा ईंधन खर्च
बताया जा रहा है कि पिछले कुछ महीनों में एटीएफ की कीमतों में भारी उछाल आया है। एयरलाइन कंपनियों के कुल परिचालन खर्च का बड़ा हिस्सा ईंधन पर ही खर्च होता है। पहले जहां एटीएफ की लागत लगभग 80 हजार रुपये प्रति किलोलीटर थी, अब कई जगहों पर यह एक लाख रुपये से ऊपर पहुंच चुकी है। इससे कंपनियों पर वित्तीय दबाव बढ़ गया है।
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किन शहरों पर असर संभव?
सूत्रों के मुताबिक मुंबई से अहमदाबाद, नागपुर, पटना और भोपाल जाने वाली उड़ानों में कटौती देखने को मिल सकती है। वहीं दिल्ली से हैदराबाद, बेंगलुरु और कोलकाता रूट पर भी उड़ानों की संख्या घटने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि कंपनियां किसी रूट को पूरी तरह बंद नहीं करेंगी।
कम मांग भी बनी वजह
हर साल स्कूल की छुट्टियों के बाद कुछ महीनों में यात्रियों की संख्या कम होने लगती है। एयरलाइन कंपनियां इसी अवधि में अपने नेटवर्क में बदलाव करती हैं। इस बार ईंधन की बढ़ी कीमतों ने इस प्रक्रिया को और तेज कर दिया है।
यात्रियों के लिए क्या असर?
उड़ानों की संख्या कम होने का असर टिकटों की उपलब्धता और किराए पर पड़ सकता है। कुछ रूटों पर यात्रियों को सीमित विकल्प मिल सकते हैं। अब आने वाले दिनों में कंपनियां कौन-कौन से रूट पर बदलाव करती हैं, इस पर यात्रियों की नजर बनी रहेगी।