देश की सबसे बड़ी एयरलाइन में जारी अभूतपूर्व संकट के बीच यात्रियों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। पायलटों की कमी और नए थकान-रोधी नियमों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। इसी बीच राहत की उम्मीद उन यात्रियों को मिली है, जिन्हें एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने नए किराए, लचीली टिकट नीतियों और अतिरिक्त सहायता कर्मचारी तैनाती के रूप में सहूलियत देने की घोषणा की है। यह कदम प्रभावित यात्रियों के बोझ को कम करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
बड़े पैमाने पर उड़ान रद्द, लाखों यात्री प्रभावित
इंडिगो में चल रहे परिचालन संकट ने देशभर की हवाई सेवाओं पर बड़ा असर डाला है। 2 दिसंबर से अब तक एयरलाइन 5,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर चुकी है, जिससे लगभग 7.75 लाख यात्री प्रभावित हुए हैं। घरेलू बाजार में लगभग 65% हिस्सेदारी के कारण इसका असर पूरे सेक्टर पर दिख रहा है। वक्त पर उड़ान न मिलने से यात्रियों को अतिरिक्त खर्च, बदले हुए प्लान और लंबी देरी का सामना करना पड़ रहा है।
पायलटों की कमी और नए नियम बने संकट की जड़
नए थकान-रोधी मानकों ने पायलटों की साप्ताहिक आराम अवधि 36 से बढ़ाकर 48 घंटे कर दी है, साथ ही रात के समय वाली उड़ानों पर भी सख्त प्रावधान लागू हुए हैं। पायलट यूनियनों का आरोप है कि एयरलाइन इस संकट को पहले ही टाल सकती थी, क्योंकि नए नियम जनवरी 2024 में आ चुके थे और तैयारी के लिए दो साल का समय था। देरी से भर्ती और विंटर शेड्यूल बढ़ाने के फैसले ने स्थिति बिगाड़ दी।
डीजीसीए की सख्ती, कंपनी के शीर्ष नेतृत्व पर सवाल
उड़ान रद्दीकरण की बाढ़ के बाद नियामक ने कड़ा रुख अपनाया है। डीजीसीए ने इंडिगो के शीर्ष अधिकारियों से जवाब मांगा है कि यात्रियों को अनिवार्य सुविधाएं क्यों नहीं दी गईं और उड़ान संचालन में खामियां क्यों सामने आईं। साथ ही दो अहम नियमों में 2026 तक के लिए अस्थायी राहत दी गई है, ताकि परिचालन स्थिर किया जा सके। यह राहत कड़ी निगरानी और नियमित रिपोर्टिंग पर आधारित होगी।
एयर इंडिया का कदम: किराए पर कैप और पूरी फीस माफी
इंडिगो संकट से यात्रियों की बढ़ी दिक्कतों को देखते हुए एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने तात्कालिक राहत की घोषणा की है। दोनों एयरलाइंस ने 4 दिसंबर से सभी नॉन-स्टॉप घरेलू उड़ानों पर इकोनॉमी क्लास किराए की सीमा तय कर दी है, ताकि मांग बढ़ने पर किराया अनियंत्रित न बढ़ जाए। इसके साथ ही टिकट बदलने और रद्द करने के सभी शुल्क पूरी तरह माफ कर दिए गए हैं।
कस्टमर सपोर्ट मजबूत, यात्रियों को त्वरित राहत
यात्रियों की भारी पूछताछ को संभालने के लिए दोनों एयरलाइनों ने अपने कॉल सेंटरों में अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया है। इससे यात्रियों को टिकट से जुड़ी समस्याओं, रीशेड्यूलिंग और रिफंड में तेज़ सहायता मिलने लगी है। इन कदमों को उद्योग विशेषज्ञ यात्रियों के हित में उठाया गया महत्वपूर्ण फैसला मान रहे हैं, क्योंकि वर्तमान में हवाई यात्रा व्यवस्था अभूतपूर्व दबाव से गुजर रही है।