देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo लगातार आठवें दिन भारी परिचालन संकट से जूझ रही है। मंगलवार को एयरलाइन को बेंगलुरु, हैदराबाद और दिल्ली से कुल सैकड़ों उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जिससे यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई। उड़ानें रद्द होने के बाद अब एविएशन रेगुलेटर DGCA ने कड़ा कदम उठाते हुए IndiGo के फ्लाइट शेड्यूल में 5% की कटौती कर दी है और एयरलाइन को नया शेड्यूल जमा करने का निर्देश दिया है।
बेंगलुरु और हैदराबाद में भारी रद्दीकरण
IndiGo का संकट दक्षिण भारत के प्रमुख एयरपोर्ट्स पर सबसे ज्यादा देखने को मिला। बेंगलुरु एयरपोर्ट पर 121 उड़ानें रद्द की गईं, जिसमें 58 आगमन और 63 प्रस्थान शामिल रहे। वहीं हैदराबाद में 58 उड़ानें नहीं उड़ सकीं। दोनों शहरों में यात्रियों की लंबी कतारें, रीशेड्यूलिंग की परेशानियां और टिकट रिफंड की मांगें दिनभर बनी रहीं।
दिल्ली एयरपोर्ट पर 152 उड़ानें रद्द
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी IndiGo का संचालन बुरी तरह प्रभावित रहा। यहां एयरलाइन को 152 फ्लाइट्स कैंसिल करनी पड़ीं, जिससे IGI एयरपोर्ट का शेड्यूल अस्त-व्यस्त हो गया। यह बड़े पैमाने पर उड़ान रद्दीकरण उस समय हुआ है जब दिसंबर में एयर ट्रैफिक हर साल की तरह पीक सीजन पर होता है।
DGCA का कड़ा एक्शन: शेड्यूल 5% घटाया
लगातार बढ़ते संकट के बीच DGCA ने मंगलवार को आदेश जारी कर IndiGo के मौजूदा फ्लाइट शेड्यूल में 5% की कटौती कर दी। यह कटौती खासकर ज्यादा मांग वाले और हाई-फ्रीक्वेंसी रूट्स पर लागू होगी। साथ ही एयरलाइन को बुधवार शाम तक संशोधित शेड्यूल जमा करने को कहा गया है। सरकार ने साफ कहा है कि यह कदम एयरलाइन की लापरवाही रोकने और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
देश की एयरलाइन व्यवस्था पर असर
IndiGo भारत के घरेलू एविएशन बाजार में 65% से ज्यादा हिस्सेदारी रखती है। रोजाना 2,200 से अधिक उड़ानें संचालित करने वाली यह एयरलाइन छह प्रमुख मेट्रो शहरों में बड़े पैमाने पर रद्दीकरण कर चुकी है। लगातार आठ दिनों से जारी संकट ने न सिर्फ यात्रियों की यात्रा योजनाओं को प्रभावित किया है, बल्कि देश की संपूर्ण एयरलाइन व्यवस्था पर दबाव भी बढ़ा दिया है।