देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो अब बड़े स्तर पर पायलट भर्ती करने जा रही है। जानकारी के अनुसार कंपनी 1,000 से ज्यादा पायलटों को नौकरी देने की तैयारी में है। दिसंबर में सिर्फ सात दिनों के अंदर 5,000 से अधिक फ्लाइट्स रद्द होने के बाद कंपनी पर दबाव बढ़ गया था। नए रेस्ट नियम लागू होने से क्रू की कमी सामने आई और संचालन प्रभावित हुआ।
किन पदों पर होगी भर्ती
कंपनी ट्रेनी फर्स्ट ऑफिसर, सीनियर फर्स्ट ऑफिसर और कैप्टन पद के लिए भर्ती करेगी। खास बात यह है कि एयरबस ए320 उड़ाने का अनुभव न रखने वाले पायलटों को भी मौका दिया जाएगा। इंडिगो के बेड़े में अधिकतर ए320 विमान हैं, इसलिए नए पायलटों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
डीजीसीए की जांच में क्या निकला
एविएशन नियामक डीजीसीए की जांच में सामने आया कि इंडिगो ने नए नियमों के अनुसार समय पर पर्याप्त पायलटों की भर्ती और ट्रेनिंग नहीं की। इससे काम का दबाव बढ़ा और उड़ानों पर असर पड़ा। जांच के बाद कंपनी को पायलटों की संख्या बढ़ाने और नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए।
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बेड़े के विस्तार के साथ बढ़ी जरूरत
इंडिगो तेजी से अपने विमानों की संख्या बढ़ा रही है। कंपनी हर महीने लगभग चार नए विमान अपने बेड़े में जोड़ रही है। इसके साथ ही हर महीने 20 से 25 फर्स्ट ऑफिसर्स को कैप्टन में अपग्रेड करने के लिए आंतरिक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चला रही है। बढ़ते संचालन के साथ पायलटों की जरूरत भी तेजी से बढ़ रही है।
पायलट बनने के लिए क्या जरूरी
ट्रेनी फर्स्ट ऑफिसर को फर्स्ट ऑफिसर बनने के लिए करीब छह महीने की ट्रेनिंग करनी पड़ती है। इसके बाद कम से कम 1,500 घंटे की उड़ान का अनुभव रखने वाला फर्स्ट ऑफिसर ही कैप्टन बन सकता है। कुछ एयरलाइनों में यह अनुभव सीमा और ज्यादा भी हो सकती है। इसलिए पायलट तैयार करना लंबी प्रक्रिया है।
नियमों के अनुसार कितनी जरूरत
डीजीसीए के नियमों के मुताबिक हर विमान के लिए तीन सेट पायलट होने चाहिए, जिनमें कैप्टन और फर्स्ट ऑफिसर शामिल हैं। दिसंबर की जांच में पाया गया कि इंडिगो को 2,422 कैप्टन की जरूरत थी, जबकि उसके पास 2,357 ही थे। इसके बाद डीजीसीए ने कंपनी को 10 फरवरी तक कुछ राहत दी थी। अब बड़ी भर्ती के जरिए कंपनी भविष्य में ऐसी स्थिति से बचना चाहती है।