IndiGo crisis deepens: इंडिगो का उड़ान संकट लगातार छठे दिन भी थमता नजर नहीं आ रहा है। रविवार को देश के प्रमुख एयरपोर्ट्स—दिल्ली, मुंबई और चेन्नई—में यात्रियों की भारी भीड़ और अव्यवस्था देखने को मिली। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुबह से ही इंडिगो की कई उड़ानें रद्द दिखाई गईं, जिसके बाद लंबी कतारें बन गईं और यात्री घंटों तक फंसे रहे। चेन्नई एयरपोर्ट पर भी 30 से ज्यादा इंडिगो उड़ानें कैंसिल हुईं, जबकि मुंबई में सैकड़ों यात्री उड़ानों में देरी और रद्द होने से परेशान होते दिखे। पिछले पांच दिनों में 2000 से अधिक उड़ानें रद्द होने से एयर ट्रैफिक पर गंभीर असर पड़ा है।
2000 से ज्यादा उड़ानें रद्द
इंडिगो ने शनिवार को बताया कि उस दिन 800 से अधिक उड़ानें रद्द की गईं। इससे पहले शुक्रवार को 1000 से भी ज्यादा उड़ानें कैंसिल हुई थीं, जो संकट की गंभीरता को दर्शाता है। दिल्ली, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे बड़े हब में लगातार उड़ानों के रद्द होने से यात्रियों की दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं। कई यात्रियों की कनेक्टिंग फ्लाइट छूट गई, जबकि कुछ को एयरपोर्ट पर रात गुजारनी पड़ी। हालत यह है कि लंबी दूरी से आने वाले यात्रियों को वैकल्पिक उड़ानें भी उपलब्ध नहीं मिल पा रही हैं।
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सरकार ने किराए पर लगाई लगाम
इंडिगो संकट के बीच हवाई किराए में अचानक भारी बढ़ोतरी को देखते हुए सरकार ने दखल दिया है। सिविल एविएशन मंत्रालय ने सभी एयरलाइनों को किराया सीमा का पालन करने का आदेश दिया है। नए नियमों के अनुसार, 500 किमी तक की उड़ान का अधिकतम किराया 7500 रुपये, 500–1000 किमी के लिए 12,000 रुपये, 1000–1500 किमी के लिए 15,000 रुपये और 1500 किमी से अधिक दूरी की उड़ानों का अधिकतम किराया 18,000 रुपये तय किया गया है। ये नियम केवल इकोनॉमी क्लास पर लागू होंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि संकट के दौरान यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।