IndiGos operational crisis: इंडिगो एयरलाइन का परिचालन संकट लगातार सातवें दिन भी थमता नजर नहीं आया। सोमवार को कंपनी ने 500 और उड़ानें रद्द कीं, जबकि लगभग 1,800 उड़ानों के संचालन की योजना बनाई गई। नागर विमानन मंत्रालय ने बताया कि 1 से 7 दिसंबर के बीच जिन 5.86 लाख यात्रियों के टिकट रद्द किए गए, उनमें से 569 करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया जा चुका है। वहीं 21 नवंबर से 7 दिसंबर तक कुल 9.55 लाख टिकट कैंसिल हुए, जिनकी भरपाई के तौर पर एयरलाइन ने अब तक 827 करोड़ रुपये यात्रियों को लौटा दिए हैं। मंत्रालय ने कहा कि नए क्रू ड्यूटी नियमों और नियामकीय बदलावों की वजह से इंडिगो का शेड्यूल बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिसके चलते लाखों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा है।
यात्रियों को बैग की वापसी
मंत्रालय के अनुसार, एयरलाइन के पास जमा हुए करीब 9,000 बैगों में से 4,500 बैग यात्रियों को वापस कर दिए गए हैं। बाकी बैग अगले 36 घंटों में सौंपे जाने की उम्मीद है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि सोमवार के लिए इंडिगो ने 138 में से 137 गंतव्यों के लिए उड़ानों की योजना तैयार की थी, लेकिन भारी बाधाओं के कारण 500 उड़ानें फिर रद्द करनी पड़ीं। मंत्रालय ने माना कि अचानक लागू हुए नए मानकों के बाद एयरलाइन अपने क्रू प्रबंधन में समय पर समायोजन नहीं कर सकी, जिससे देशभर के एयरपोर्ट पर अव्यवस्था बढ़ी।
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ऑन-टाइम परफॉर्मेंस में सुधार
लंबे संकट के बीच इंडिगो ने सोमवार को अपने OTP यानी ऑन-टाइम परफॉर्मेंस में सुधार का दावा किया है। कंपनी के अनुसार, सोमवार को उनका OTP 91 प्रतिशत तक पहुंच गया, जबकि रविवार को यह 75 प्रतिशत था। रविवार को 1,650 उड़ानों का संचालन हुआ था और 650 उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं। वहीं, शनिवार को 800 से अधिक और शुक्रवार को 1,000 उड़ानें रद्द की गई थीं। एयरलाइन का कहना है कि सोमवार के कैंसिलेशन पहले ही दिन में घोषित कर दिए गए थे ताकि यात्री बिना जरूरत एयरपोर्ट न पहुंचे। कंपनी का दावा है कि पूरी व्यवस्था को स्थिर करने के लिए वह सभी विभागों के साथ तालमेल में तेजी से काम कर रही है।