
17 सितंबर 2025 को पवित्र इंदिरा एकादशी का व्रत रखा जा रहा है। यह एकादशी पितृपक्ष के दौरान आती है और विशेष रूप से पितरों की शांति और मोक्ष के लिए की जाती है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत का अत्यंत महत्व है। माना जाता है कि इस दिन यदि श्रद्धा से भगवान विष्णु का स्मरण किया जाए, उनके नाम का जप और भजन किया जाए, तो समस्त पाप नष्ट होते हैं और जीवन में शांति की स्थापना होती है।इस खास मौके पर यदि आप दिन की शुरुआत भगवान विष्णु के मधुर और भक्तिमय भजनों के साथ करें, तो न केवल वातावरण पवित्र होगा, बल्कि आपके मन, घर और जीवन में भक्ति की सुखद लहर दौड़ जाएगी। आइए जानें भगवान विष्णु के ऐसे 10 श्रेष्ठ भजन, जिन्हें सुनने से इंदिरा एकादशी का पुण्य और भी बढ़ जाता है।
भगवान विष्णु के टॉप 10 भजन जो इंदिरा एकादशी पर ज़रूर सुनें
"श्री विष्णु सहस्त्रनाम स्तोत्र" – भगवान के 1000 नामों का अद्भुत संग्रह, सुनते ही मन शांत हो जाता है।
"ॐ जय जगदीश हरे" – यह आरती भक्ति भाव से ओतप्रोत है, हर घर में गुंजनी चाहिए।
"गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो" – नाम-स्मरण का सरल और सशक्त माध्यम।
"हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे..." – महामंत्र जप का प्रभावी रूप।
"श्री हरि स्तोत्रम्" – विष्णु जी की स्तुति करने वाला भजन।
"नारायण हरि नारायण..." – मन को शांति देने वाला भजन।
"वैष्णव जन तो..." – भक्ति, सेवा और समर्पण का संदेश देने वाला।
"विष्णु भगवन वंदना" – दिव्यता से भरा सुंदर वंदना गीत।
"कृष्ण गोविंद गोपाल नंदलाला..." – श्रीकृष्ण रूपी विष्णु की आराधना के लिए।
"प्रभु के चरणों में जीवन बिताएं..." – पूर्ण समर्पण का संदेश देता भजन।
आत्मा की शुद्धि और भक्ति में डूब जाने का अवसर
इंदिरा एकादशी न केवल व्रत और पूजा का दिन है, बल्कि आत्मा की शुद्धि और भक्ति में डूब जाने का अवसर भी है। जब घर में भगवान विष्णु के भजन गूंजते हैं, तो वहां सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा स्वतः आ जाती है। इस पावन तिथि पर इन भजनों को सुनें, गुनगुनाएं और अपने जीवन को भक्तिमय बना लें।