इंडोनेशिया के उत्तरी मोलुका सागर में गुरुवार सुबह आए 7.6 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि लोग घरों से बाहर निकल आए और अफरा-तफरी मच गई। इस आपदा में एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है। भूकंप के तुरंत बाद इंडोनेशिया समेत फिलीपींस और मलेशिया के तटीय इलाकों के लिए सुनामी का अलर्ट जारी कर दिया गया है।
सुबह 7:48 बजे आया भूकंप, समुद्र में था केंद्र
गुरुवार सुबह स्थानीय समय के अनुसार करीब 7:48 बजे यह भूकंप आया। इसका केंद्र उत्तरी मोलुका सागर में था, जो फिलीपींस के तट से लगभग 580 किलोमीटर दक्षिण और मलेशिया के सबा से करीब 1000 किलोमीटर दूर स्थित बताया गया है। भूकंप की गहराई महज 10 किलोमीटर थी, जिससे इसका प्रभाव ज्यादा तीव्र महसूस हुआ।
10–20 सेकंड तक महसूस हुए तेज झटके
भूकंप के झटके इंडोनेशिया के बिटुंग और टेरनेट जैसे शहरों में 10 से 20 सेकंड तक महसूस किए गए। लोग डर के मारे अपने घरों से बाहर निकल आए। कई इलाकों में अचानक भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए।
तीन देशों में सुनामी अलर्ट, खतरे का दायरा 1000 KM
भूकंप के बाद सुनामी चेतावनी प्रणाली ने इंडोनेशिया, फिलीपींस और मलेशिया के तटीय क्षेत्रों के लिए अलर्ट जारी किया। विशेषज्ञों के मुताबिक, भूकंप का केंद्र समुद्र में और कम गहराई पर होने के कारण सुनामी का खतरा बढ़ गया है। निगरानी केंद्रों ने शुरुआती समय में लहरों की गतिविधि दर्ज की है।
मकानों और चर्च को नुकसान, एक की मौत
प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, इस भूकंप में एक व्यक्ति की मौत हो गई है। वहीं कई घरों और एक चर्च को मामूली से मध्यम स्तर तक नुकसान पहुंचा है। प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है और राहत कार्य शुरू कर दिए गए हैं।
आफ्टरशॉक्स का खतरा, प्रशासन अलर्ट मोड पर
आपदा एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि भूकंप के बाद आफ्टरशॉक्स (झटकों) का खतरा बना हुआ है। लोगों से सतर्क रहने और तटीय क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है। इंडोनेशिया पहले भी कई बार भूकंप और सुनामी का सामना कर चुका है, इसलिए इस बार भी प्रशासन पूरी तरह तैयार नजर आ रहा है।