Adwait Upadhyay Case ---इंदौर के 31 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर अद्वैत उपाध्याय के लापता होने का मामला लगातार रहस्यमय होता जा रहा है। बेंगलुरु में काम करने वाला अद्वैत 7 अगस्त को हिमाचल प्रदेश के बैजनाथ इलाके की शिवगिरी पहाड़ी पर ट्रैकिंग के लिए गया था, लेकिन इसके बाद उसका कोई पता नहीं चला। चार दिन तक पहाड़ों में तलाश के बावजूद न अद्वैत मिला और न उसका सामान। अब पुलिस तकनीकी और वित्तीय सुरागों के जरिए इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है।
ट्रैकिंग के लिए निकला था अद्वैत, फिर बंद हो गया फोन
पुलिस के मुताबिक, अद्वैत ने 7 अगस्त की सुबह करीब 7:30 बजे शिवगिरी पहाड़ी पर ट्रैकिंग शुरू की थी। अकेले निकले अद्वैत ने अपने मंगेतर से दोपहर तक वापस लौटने की बात कही थी। इसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। मंगेतर की शिकायत पर गुमशुदगी दर्ज की गई और संभावित अनहोनी को देखते हुए पहाड़ी इलाके में तलाश शुरू की गई।
चार दिन की तलाश के बाद भी नहीं मिला सुराग
अद्वैत की तलाश में पुलिस के साथ एसडीआरएफ और रेस्क्यू टीमों ने दुर्गम इलाकों और जंगलों में अभियान चलाया। ड्रोन की मदद से भी संभावित स्थानों को खंगाला गया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। चार दिन तक लगातार सर्च ऑपरेशन के बाद भी अद्वैत या उसका कोई सामान बरामद नहीं हुआ। इसके बाद पहाड़ी क्षेत्र में अभियान रोककर जांच का दायरा बढ़ाया गया।
आखिरी लोकेशन ने बढ़ाया मामले का रहस्य
जांच में अद्वैत के मोबाइल की आखिरी लोकेशन हमीरपुर जिले के कंदर इलाके में सामने आई। इसके बाद पुलिस ने उसके मोबाइल और डिजिटल गतिविधियों की जांच शुरू की। साथ ही उसके निजी जीवन और मंगेतर से रिश्ते को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस को पता चला कि अद्वैत शादी को लेकर खुश नहीं था और उसने अपनी मां से भी इस बारे में बात की थी।
बैंक खाते और सोशल मीडिया पर भी नजर
अब जांच सिर्फ पहाड़ों तक सीमित नहीं है। पुलिस अद्वैत के बैंक खातों, यूपीआई लेनदेन और सोशल मीडिया गतिविधियों की निगरानी कर रही है। मकसद यह पता लगाना है कि लापता होने के बाद उसके नाम से कोई वित्तीय लेनदेन हुआ या उसने किसी से संपर्क किया था। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि अद्वैत किसी हादसे का शिकार हुआ, उसने खुद अपनी पहचान और लोकेशन छिपाई या उसके गायब होने के पीछे कोई और वजह है। तीन सप्ताह बाद भी यह रहस्य बरकरार है।