Indore Crime Update: इंदौर में पूर्व कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी उर्फ ‘डकैत’ की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। 27 से ज्यादा आपराधिक मामलों में आरोपी अनवर कादरी को सदर बाजार पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस बार जांच एक कथित फर्जी जम्मू-कश्मीर शस्त्र लाइसेंस तक पहुंची है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी लाइसेंस किसने तैयार किया और इसके पीछे पूरा नेटवर्क कौन संचालित कर रहा था।
27 से ज्यादा गंभीर मामलों में आरोपी है अनवर कादरी
सदर बाजार थाना पुलिस ने अनवर कादरी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, उसके खिलाफ इंदौर के अलग-अलग थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, बलवा, मारपीट सहित कई गंभीर धाराओं में 27 से ज्यादा मामले दर्ज हैं।उसकी आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए उस पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है। अपराध की दुनिया में पहचान बनाने के बाद अनवर कादरी राजनीति में भी सक्रिय रहा और पूर्व कांग्रेस पार्षद रह चुका है।
लाइसेंसी हथियार की जांच में सामने आया नया मामला
पुलिस की जांच फरवरी 2025 के एक मामले से आगे बढ़ी। उस समय अनवर कादरी पर जावेद खान के घर लाइसेंसी बंदूक के साथ पहुंचकर मारपीट करने और धमकी देने का आरोप लगा था।इसी मामले की जांच के दौरान पुलिस ने उसके हथियार और शस्त्र लाइसेंस की जानकारी जुटाई। जांच में सामने आया कि जिस लाइसेंस के आधार पर हथियार लिया गया था, वह कथित तौर पर जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले से जारी बताया गया था, लेकिन जांच में उसे फर्जी पाया गया।
फर्जी लाइसेंस बनाने वाले नेटवर्क की तलाश में पुलिस
फर्जी शस्त्र लाइसेंस मिलने के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह लाइसेंस किसने तैयार किया, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कैसे किया गया।इस मामले में पुलिस ने आर्म्स एक्ट के साथ धोखाधड़ी और कूटरचना से जुड़ी धाराओं में भी कार्रवाई की है।
कश्मीर कनेक्शन और पुराने मामलों की भी हो रही जांच
पुलिस अब अनवर कादरी के पुराने रिकॉर्ड, उसके संपर्कों और कथित कश्मीर कनेक्शन की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान सामने आने वाली जानकारियों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।वहीं, इस मामले को लेकर मंत्री ऊषा ठाकुर ने भी सख्त जांच की मांग की है।
पहले भी विवादों में रहा है अनवर कादरी
अनवर कादरी पहले भी कई मामलों को लेकर चर्चा में रहा है। पुलिस के अनुसार, वह बाणगंगा थाना क्षेत्र में हिंदू युवतियों के शोषण और लव जिहाद फंडिंग से जुड़े मामले में जेल जा चुका है और कुछ समय पहले ही जमानत पर बाहर आया था।अब फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामले ने उसकी मुश्किलें फिर बढ़ा दी हैं।
कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
फिलहाल पुलिस की जांच कई अहम सवालों पर केंद्रित है। फर्जी लाइसेंस किसने बनाया? हथियार हासिल करने में किसने मदद की? इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग जुड़े हैं?
जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस को उम्मीद है कि पूरे मामले से जुड़े कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं।