Indore Chandan Nagar Murder Case -इंदौर के चंदन नगर थाना क्षेत्र में हुए सनसनीखेज हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। पत्नी ने अपने प्रेमी और उसके साथी के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी। हत्या के बाद खुद ही गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की गई, लेकिन जांच में मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन और अन्य सबूतों से पूरा मामला खुल गया।
पति की हत्या के बाद पत्नी ने रची थी झूठी कहानी
इंदौर के चंदन नगर इलाके में वर्ष 2023 में हुए जावेद मंसूरी हत्याकांड में अदालत ने पत्नी समेत तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामले में सामने आया कि जावेद की पत्नी रूखसाना ने अपने प्रेमी सद्दाम हुसैन और उसके साथी शाकिर खान के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी।हत्या के बाद रूखसाना ने खुद थाने पहुंचकर पति की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। उसने पुलिस को बताया था कि जावेद काम की तलाश में घर से निकले थे और वापस नहीं लौटे। इस कहानी के जरिए वह पुलिस को भ्रमित करना चाहती थी।
प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह
शुरुआत में पुलिस ने मामले को सामान्य गुमशुदगी मानकर जांच शुरू की, लेकिन परिवार के सदस्यों ने जावेद की पत्नी के प्रेम संबंधों पर संदेह जताया। इसके बाद पुलिस ने रूखसाना, उसके प्रेमी सद्दाम और अन्य संदिग्धों के मोबाइल नंबरों की जांच शुरू की।कॉल डिटेल और लोकेशन की जांच में कई अहम सुराग मिले। पूछताछ के दौरान पुलिस के सामने हत्या की पूरी साजिश उजागर हो गई।
खाली मैदान में छिपाया गया था शव
जांच में पता चला कि 21 अप्रैल 2023 की रात जावेद की हत्या की गई थी। इसके बाद शव को इंदौर की ग्रीन पार्क कॉलोनी के एक खाली मैदान में छिपा दिया गया था।आरोपियों ने हत्या के बाद सबूत मिटाने और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन तकनीकी जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया।
मोबाइल लोकेशन और साक्ष्यों से खुला राज
पुलिस जांच में मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार जैसे अहम सबूत सामने आए। इन्हीं सबूतों के आधार पर अदालत में आरोपियों के खिलाफ मजबूत मामला पेश किया गया।करीब तीन साल तक चले ट्रायल के बाद नवम अपर सत्र न्यायाधीश ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया।
तीनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा
अदालत ने सद्दाम हुसैन और शाकिर खान को हत्या, आपराधिक साजिश और साक्ष्य छिपाने के अपराध में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं रूखसाना को भी हत्या और साजिश में दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा दी गई।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह मामला प्रेम संबंध के चलते रची गई सुनियोजित हत्या का था, जिसमें पत्नी ने ही पति की हत्या की साजिश में मुख्य भूमिका निभाई।