इंदौर में राजा रघुवंशी हत्याकांड के बीच एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। गुरुवार देर रात एक युवक पुलिस अधिकारी की वर्दी और तीन स्टार लगाकर खुद को टीआई बताने लगा और मृतक राजा का दोस्त बनकर उसके घर जा पहुंचा। लेकिन उसकी कहानी पर राजा के भाइयों को शक हुआ और सख्ती से पूछताछ करने पर पूरा सच सामने आ गया। असली पुलिस मौके पर पहुंची और नकली टीआई को गिरफ्तार कर लिया। जांच में खुलासा हुआ कि वह परिवार को ठगने आया था।
वर्दी और दोस्ती का बहाना
गुरुवार देर रात आरोपी बजरंग लाल पुलिस अधिकारी की वर्दी में राजा रघुवंशी के घर पहुंचा। उसने दावा किया कि वह राजा का दोस्त है और उज्जैन में रेलवे में कार्यरत है। तीन स्टार लगी वर्दी और आत्मविश्वास से भरी बातें सुनकर पहले तो लोग असमंजस में रहे, लेकिन राजा के भाई विपिन को संदेह हो गया।
सवालों में उलझा और खुला राज
जब विपिन ने लॉकडाउन के समय की बात उठाई, तो आरोपी की कहानी कमजोर पड़ गई। उसने आईडी कार्ड दिखाने से बचने की कोशिश की और बातों में घुमाने लगा। अंत में राजा के भाइयों ने पुलिस को बुला लिया।
पुलिस की पूछताछ में सच कबूल
मौके पर पहुंची पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तो आरोपी ने स्वीकार किया कि वह न तो पुलिस अधिकारी है और न ही रेलवे कर्मचारी। उसके पास कोई पहचान पत्र या नियुक्ति आदेश नहीं था। उसने बताया कि वह राजा रघुवंशी के परिवार को ठगने के इरादे से आया था। फिलहाल पुलिस आरोपी से और पूछताछ कर रही है।