मध्य प्रदेश के इंदौर में हुए भीषण अग्निकांड ने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। एक कारोबारी के घर में लगी आग ने पूरे परिवार की खुशियों को पलभर में खत्म कर दिया। इस हादसे में 8 लोगों की जान चली गई, लेकिन सबसे दर्दनाक कहानी 8 वर्षीय मासूम तनय की है, जिसके शरीर के कई अंग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। घटना के बाद का मंजर बेहद भयावह था।
सिलेंडर ब्लास्ट से तबाही का तांडव
आग लगने के दौरान हुए सिलेंडर ब्लास्ट ने पूरे घर को चंद पलों में तबाह कर दिया। धमाका इतना जबरदस्त था कि घर के अंदर मौजूद लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। दीवारें तक हिल गईं और आग ने पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया।
मासूम तनय के शरीर के टुकड़े-टुकड़े
इस हादसे में सबसे दिल दहला देने वाली मौत 8 वर्षीय तनय की रही। विस्फोट इतना भीषण था कि उसका शरीर कई हिस्सों में बंट गया। अस्पताल ले जाते समय उसके अंगों को एक पोटली में समेटना पड़ा। अधिकारियों के मुताबिक, उसके कई अंग अब भी नहीं मिल पाए हैं, जिससे हादसे की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
दम घुटने से भी गई जानें
जांच में यह भी सामने आया है कि कई लोगों की मौत आग से जलने के बजाय दम घुटने से हुई। कुछ शवों पर जलने के निशान बेहद कम थे, लेकिन जहरीले धुएं ने उनकी सांसें छीन लीं। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर रेस्क्यू होता तो कुछ लोगों को बचाया जा सकता था।
दरवाजे तक पहुंचे, पर नहीं बच पाए
रेस्क्यू टीम को घर के अंदर के दृश्य देखकर साफ अंदाजा हुआ कि लोग आखिरी वक्त तक बचने की कोशिश करते रहे। एक महिला और पुरुष का शव दरवाजे के पास मिला, जिससे लगता है कि वे बाहर निकलने ही वाले थे, लेकिन धुएं और आग ने उन्हें घेर लिया।
खुशहाल परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
पड़ोसियों के मुताबिक, यह परिवार बेहद मिलनसार और जिंदादिल था। हर त्योहार मिलकर मनाते थे और सभी के सुख-दुख में साथ खड़े रहते थे। लेकिन इस हादसे ने पूरे परिवार को खत्म कर दिया। धमाके की तीव्रता इतनी थी कि आसपास के घरों में भी दरारें आ गईं।
जांच में सामने आई नई चुनौती
मुख्यमंत्री ने इस घटना को गंभीर मानते हुए इसे नई चुनौती बताया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आग लगने की वजह कार चार्जिंग से जुड़ी हो सकती है। प्रशासन ने मामले की गहराई से जांच के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।