मध्य प्रदेश के इंदौर में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। इस हादसे में एक ही परिवार के आठ लोगों की दर्दनाक मौत के बाद अब मामले में बड़ा मोड़ आया है। कारोबारी परिवार के बड़े बेटे सौरभ ने कई गंभीर खुलासे करते हुए फायर ब्रिगेड और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने तुरंत जांच के आदेश दे दिए हैं।
EV से आग नहीं लगी, बेटे ने तोड़ी चुप्पी
तिलकनगर क्षेत्र की बृजेश्वरी एनेक्स कॉलोनी में हुए हादसे को लेकर सौरभ पुगलिया ने स्पष्ट किया कि उनकी इलेक्ट्रिक कार आग लगने का कारण नहीं थी। उनका कहना है कि कार को उस रात चार्जिंग पर लगाया ही नहीं गया था, यहां तक कि उसमें चार्जर भी मौजूद नहीं था। ऐसे में शॉर्ट सर्किट की आशंका निराधार बताई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि आग की शुरुआत इलेक्ट्रिक पोल पर हुए ब्लास्ट से हुई।
फायर ब्रिगेड पर 100% लापरवाही का आरोप
सौरभ ने फायर ब्रिगेड की कार्रवाई को पूरी तरह लापरवाह बताया। उनका आरोप है कि दमकल की गाड़ियां समय पर नहीं पहुंचीं और जब पहुंचीं तो पानी की कमी और उपकरणों की तैयारी में देरी के कारण कीमती समय बर्बाद हुआ। उनका कहना है कि यदि समय रहते सही कदम उठाए जाते तो कई जानें बचाई जा सकती थीं।
बिजली सप्लाई चालू रहने से बढ़ा खतरा
हादसे के दौरान सबसे बड़ी चूक बिजली सप्लाई बंद न करना रही। सौरभ के अनुसार, घर में पानी भरने के बावजूद बिजली चालू थी, जिससे करंट फैलने का खतरा बना रहा। उन्होंने आशंका जताई कि कुछ लोगों की मौत करंट लगने से भी हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से इस गंभीर चूक की जांच की मांग की है।
राहत कार्य में देरी और अव्यवस्था
घटना के दौरान पुलिस और एंबुलेंस सेवाओं की देरी भी सामने आई। सौरभ ने बताया कि कई कॉल करने के बावजूद दमकल और एंबुलेंस देर से पहुंचे। टैंकर चालक की लापरवाही और दमकल कर्मियों की धीमी कार्रवाई ने स्थिति को और बिगाड़ दिया। यहां तक कि उन्हें खुद मौके पर निर्देश देने पड़े।
CM ने लिया संज्ञान, जांच टीम गठित
घटना के बाद सौरभ ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। वीडियो साक्ष्य देखने के बाद मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भोपाल से विशेष जांच टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं। अब इस दर्दनाक हादसे में लापरवाही की परतें खुलने की उम्मीद है।